उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुल से नदी में गिरी कार के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने पीडब्ल्यूडी विभाग के चार इंजीनियरों पर केस दर्ज किया है. इनके अलावा पुलिस ने 5 अन्य को भी एफआईआर में शामिल किया है. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है. बताया जा रहा था कि कार चालक गूगल मैप से रास्त देखकर चल रहे थे. पुल टूटा होने के बावजूद भी किसी तरह का कोई साइनबोर्ड या अवरोधक वहां पर नहीं था जो कि बड़ी लापरवाही है.
पुलिस ने रामगंगा नदी में गिरी कार और 3 लोगों की मौत के मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियरों को आरोपी बनाया है. उनके अलावा 5 अन्य पर भी एफआईआर की गई है. पुलिस ने एफआईआर में असिस्टेंट इंजीनियर मोहम्मद आरिफ और अभिषेक कुमार, जूनियर इंजीनियर अजय गंगवार और महाराज सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है. बदायूं प्रशासन की तरफ से तहसीलदार छविराम ने यह एफआईआर दर्ज कराई है.
एफआईआर में क्या?
तहसीलदार छविराम ने बदायूं के दातागंज थाने में जो एफआईआर दर्ज कराई है उसमें पीडब्ल्यूडी विभाग के 2 असिस्टेंट इंजीनियर और 2 जूनियर इंजीनियरों को नामजद किया गया है. इनके अलावा 5 अन्य को भी एफआईआर में रखा गया है. तहसीलदार छविराम ने हादसे के पीछे पीडब्ल्यूडी विभाग की बड़ी लापरवाही बताई है. उन्होंने एफआईआर में लिखवाया है कि जानबूझकर पुल के दोनों तरफ मजबूत बेरीकेडिंग, अवरोध, रिफ्लेक्टर नहीं लगवाए गए. गूगल मैप में भी उस मार्ग के सर्च करने पर कोई रोक नहीं लगवाई. बीएनएस की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
क्या था मामला
बदायूं और बरेली जिले के बीच रामगंगा नदी पर पुल बीच में से टूटा हुआ था. पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ था और बारिश के मौसम में जब नदी में बाढ़ आ गई थी उस वक्त पुल का अगला हिस्सा नदी में बह गया था. हालांकि गूगल मैप पर यही रास्ता दिख रहा था. जिसकी वजह से कार चालक सीथे चलते गए और तेज रफ्तार कार अचानक नदी में जा गिरी. हादसे के बाद बरेली की फरीदपुर पुलिस और बदायूं की दातागंज पुलिस मौके पर पहुंची थी. जेसीबी की मदद से कार को बाहर निकलवाया गया.
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