खुद को पत्नी कैसे साबित करे पूजा? पति की हुई थी ब्लड कैंसर से मौत, ससुरालवालों ने कर दिया बेदखल, बोले- ये तो मेरी बहू ही नहीं

उत्तर प्रदेश

यह कहानी है पूजा नाम की एक बेबस युवती की, जिसकी जिंदगी शादी के महज़ एक साल बाद ही बिखर गई. पति अजय की ब्लड कैंसर से मौत ने उसका सहारा छीन लिया. अब ससुरालवालों ने उसे अपनी बहू मानने से ही इनकार कर दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने कोर्ट में केस दर्ज करा दिया कि पूजा उनके बेटे की पत्नी नहीं है. अब पूजा अपने अस्तित्व और हक की लड़ाई लड़ रही है. उसे अजय की पत्नी होने का सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों और विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रेक्सहा गांव है. यहां के रहने वाले अजय कुमार गुप्ता, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर तैनात थे, उनकी जिंदगी और परिवार की कहानी कुछ ही महीनों में पूरी तरह बदल गई. अजय की शादी साल 2024 में बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली पूजा से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी.

ब्लड कैंसर से अजय की मौत

शादी के बाद दोनों का जीवन अच्छे से चल रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. शादी के कुछ महीने बाद ही अजय को ब्लड कैंसर होने की बात सामने आई और इलाज के दौरान 8 फरवरी 2025 को उनकी मौत हो गई. पति की असमय मौत ने पूजा की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया.

मौत के दूसरे ही दिन से ससुराल पक्ष का रवैया उसके प्रति कठोर होता चला गया. आरोप है कि सास-ससुर समेत परिवार के अन्य लोग पूजा से मारपीट करने लगे और उसे घर से निकालने की कोशिश करने लगे. 13वीं संस्कार के बाद तो स्थिति और बिगड़ गई. परिवार ने पूजा के कपड़े, आभूषण और अन्य सामान पैक कर दिए और मारपीट कर उसे घर से निकाल बाहर कर दिया. मजबूरन पूजा को अपने मायके लौटना पड़ा.

‘ये मेरी बहू नहीं…’ कोर्ट में दर्ज कराया केस

मायके लौटने के बाद पूजा ने प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पेंशन और मृतक आश्रित नौकरी की मांग की. जांच शुरू हुई तो एक नया खुलासा सामने आया. पूजा ने बताया कि सास-ससुर और अन्य परिजनों ने अदालत में यह दावा करते हुए मुकदमा दर्ज कराया कि वह उनकी बहू नहीं है और उनका बेटा अविवाहित था. इस आधार पर उन्होंने अजय गुप्ता के नाम से मिलने वाले बीमा, अनुकंपा धनराशि और पुलिस विभाग की सहायता राशि, जो लगभग दो करोड़ रुपये की बताई जा रही है, हड़प ली.

इतना ही नहीं, पूजा ने बैंक ऑफ बड़ौदा, दिलदारनगर शाखा में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई. वहां पता चला कि शादी से पहले अजय ने अपने खाते में मां को नामिनी बनाया था. बैंक से राशि रकम निकाल ली गई.

पति के बीमारी की बात छिपाई

पूजा का आरोप है कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है. शादी के समय अजय की बीमारी की जानकारी उससे छुपाई गई. हालांकि जब उसे पता चला तो उसने पति की सेवा की, लेकिन फरवरी 2025 में उनकी मौत के बाद से ही परिवार ने उसके खिलाफ षड्यंत्र रच दिया.

सभी सबूतों—शादी के दस्तावेज, वीडियो, फोटोग्राफ और आवश्यक कागजात होने के बावजूद उसे न्याय से वंचित किया गया. पूजा ने थकहार कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसी आधार पर 5 सितंबर 2024 को पुलिस ने उसकी सास, ससुर सहित कुल 11 लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 85, 115(2), 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

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