क्रिकेट के गॉडफादर के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन,सनातन के ये गॉड है क्रिकेट के असली गॉडफादर !

धार्मिक

वैसे तो क्रिकेट की शुरुआत 16वीं शताब्दी में हुई और उसके गॉडफादर डब्ल्यू.जी. ग्रेस को माना जाता है लेकिन सही मायनो में क्रिकेट के जनक यदुवंशी थे यानी की हिंदू धर्म के भगवान कृष्ण कन्हैया. तब शायद यह खेल क्रिकेट के नाम से नहीं जाना जाता था. इसे शायद तब कंडुका क्रीड़ा कहा जाता था.

शास्त्र और पुराणों में भी भगवान कृष्ण का गेंद और बच्ची (बल्ला) के साथ खेल दिखाया गया है. वह चरवाहों के साथ यह खेल खेला करते थे. अगर इसे क्रिकेट का प्रारंभिक रूप कहा जाए तो गलत नहीं होगा. भगवान कृष्ण गेंद और लकड़ी के बल्ले से यह खेल खेला करते थे.

कालीदह में जा गिरी थी कृष्ण की गेंद

इसका प्रमाण भी मिलता है. भगवान ने शायद सिक्सर ही मारा होगा जब उनकी गेंद कालीदह में जा गिरी होगी. इसके बाद भगवान उसे लेने के लिए कालीदह तालाब में उतर गए और उन्हें कालिया नाग का सामना करना पड़ा. कालिया नाग का मर्दन कर भगवान ने मथुरा वासियों का उद्धार किया.

पौराणिक कथा से मिलते हैं प्रमाण

पौराणिक कथाओं की मानें तो भगवान कृष्ण अपने सखा सुदामा इत्यादि के साथ कई तरह के खेल खेला करते थे, उसमें से एक मुख्य खेल गेंद और बल्ले का भी था जो वह अधिकतर कालीदह के तट पर खेला करते थे. आज के दौर का क्रिकेट शायद उसी का विशुद्ध रूप है, लेकिन यह खेल तब भी था. एक बार भगवान कृष्ण यमुना नदी के गहरे तालाब कालीदह के निकट गेंद बल्ला खेल रहे थे. तभी उनकी गेंद तालाब में गिर गई. सभी मित्रों के लाख समझाने के बावजूद, कि उसे तालाब में कालिया नाम का एक बड़ा नाग रहता है भगवान कृष्ण ने तालाब में गेंद लाने के लिए छलांग लगा दी. यह देखकर उनके मित्र अत्यंत घबरा गए और जाकर यशोदा मां को बुलाने चले गए. यशोदा मां और पूरा गांव तालाब के किनारे एकत्र हो गया. उसके बाद कालिया नाग से युद्ध करके भगवान उसके फन पर बैठकर तालाब से बाहर निकले और अपनी बॉल वापस लेकर आए.

हमारा हिंदू धर्म सभी धर्म में सबसे पुराना धर्म माना गया है. कई चीजों की शुरुआत जो आज आधुनिक रूप में विकसित हैं, जिसका श्रेय किसी और को दिया जाता है लेकिन अगर उसकी जड़ें खोदने की कोशिश करें तो हमें उन सब खेलो की या कार्यों की जड़ें सनातन में ही मिलेंगी क्योंकि सनातन सबसे पुरातन है. जैसे आज योग पूरे विश्व में प्रचलित है लेकिन योग के पहले गुरु भी भगवान शिव ही हैं इस तरह से क्रिकेट के जनक भी भगवान कृष्ण ही हैं जिन्होंने इस खेल की शुरुआत की.