भारत में हर रसोई की एक अलग पहचान होती है. ये पहचान उस रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों से मिलती है. हर घर में स्वाद और सेहत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. जब मसालों की बात आती है, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में गरम मसाले आते हैं. मसालों का संबंध सिर्फ स्वाद से ही नहीं, बल्कि सेहत से भी होता है. हालांकि, यह कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी खाने का रंग मसालों से ही आता है. मसाले शरीर की तासीर पर भी असर डालती है. आपने गरम मसालों के बारे में तो सुना ही होगा.
इसका इस्तेमाल घर में बनने वाली रोजमर्रा की सब्जियों के साथ-साथ हमारे खास व्यंजनों में भी किया जाता है. लेकिन क्या आपने ठंडे मसालों के बारे में सुना है? ‘ठंडे मसाले’ सुनने में थोड़े अजीब लग सकते हैं लेकिन आयुर्वेद में इसके कई फायदे बताए गए हैं.
एक्सपर्ट से जानें ठंडे मसाले के फायदे
ठंडे मसालों को समझने की कोशिश की. जैसा कि ‘ठंडे मसाले’ नाम से ही जाहिर है, ये शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाते हैं. ये गर्मी या जलन को कम करने में मददगार होते हैं. खासकर गर्मियों में ये काफी फायदेमंद माने जाते हैं. आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि आखिर कैसे पता चलेगा कि कौन सा मसाला ठंडा है और कौन सा गर्म? डॉ. किरण गुप्ता ने बताया कि ये तासीर से तय होता है. यानी जो मसाला पेट में गर्मी बढ़ाता है उसे गर्म मसालों में गिना जाता है, जबकि जो मसाले ठंडक देते हैं उन्हें ठंडी तासीर वाले मसाले कहते हैं.
ठंडे मसालों से बने स्पेशल ड्रिंक्स
किरण गुप्ता ने बताया कि सफेद मिर्च को ठंडे मसालों में गिना जा सकता है. इसके अलावा धनिया, सौंफ, जीरा भी ठंडे मसाले हैं. ये सभी मसाले शरीर को ठंडक देते हैं और गर्मी को शांत करने का काम करते हैं. गर्म मसालों की बात करें तो लौंग, दालचीनी जैसी चीजें शरीर को गर्मी देती हैं. ठंडे मसालों से कुछ स्पेशल ड्रिंक्स भी तैयार किए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी सेहतमंद माने जाते हैं. एक्सपर्ट ने बताया कि धनिया का पानी या मोरिंगा के पत्तों का काढ़ा ठंडा और गर्म दोनों तरह से लिया जा सकता है. इसके अलावा जीरे का पानी भी गर्मी को शांत करता है.
इसे चाय की तरह गर्म भी पी सकते हैं. ये इम्युनिटी बूस्टर का भी काम करता है. आप चाहें तो इसमें गुड़ भी मिला सकते हैं. लेकिन डायबिटिक लोगों को गुड़ या चीनी के इस्तेमाल से बचना चाहिए.
स्वाद और सेहत के बीच संतुलन
इम्युनिटी की बात करें तो सौंफ और धनिया जैसे मसालों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये सूजन कम करने में भी मदद करते हैं. इसके अलावा, ये शरीर के पाचन को भी दुरुस्त रखते हैं और उसे सक्रिय बनाए रखते हैं. ये रोजमर्रा की जिंदगी में काफी फायदेमंद साबित होते हैं. मसालों का इस्तेमाल मौसम को ध्यान में रखकर करना चाहिए. ऐसा करने से स्वाद और सेहत के बीच संतुलन बना रहता है.
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