क्या होती है हाइड्रोपोनिक वीड, जिसकी बैंकॉक से हो रही सप्लाई… कीमत जान उड़ेंगे होश

उत्तर प्रदेश

महाराष्ट्र की राजधानी यानी मायानगरी मुंबई में लगातार नशे के खिलाफ एक्शन देखने को मिल रहा है. मुंबई सीमा शुल्क विभाग ने पिछले तीन दिनों में 33.35 करोड़ रुपए की 33.355 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड को पकड़ा है. इस दौरान 6 अलग-अलग मामलों में 8 लोगों को दबोचा गया है. इस संबंध में अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी है.

अधिकारियों के मुताबिक, इस एक्शन में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सात यात्री शामिल हैं. इसके अलावा एक ऐसे शख्स को भी पकड़ा है जो इस वीड को अपने पास एकत्र कर रहा था. अधिकारी ने बताया, ‘8 जुलाई से, मुंबई सीमा शुल्क विभाग के एयरपोर्ट कमिश्नरेट ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) पर कार्रवाई की है. बुधवार तड़के हुए पहले मामले में, एक यात्री को 5.024 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड के साथ पकड़ा, जिसे ट्रॉली बैग में रखे वैक्यूम सीलबंद काले और पारदर्शी प्लास्टिक के पैकेटों में छिपाया गया था.’

चालाकी से ट्रॉली बैग में छिपा रखी थी वीड

उन्होंने कहा, ‘एक अन्य मामले में, 2.425 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की गई और एक यात्री को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को, बैंकॉक से आने वाले एक यात्री को 2.481 करोड़ रुपए मूल्य की 2.481 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड के साथ पकड़ा गया. उसी दिन, बैंकॉक से आने वाले दो यात्रियों को 11.891 करोड़ रुपए मूल्य की 11.891 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड के साथ पकड़ा गया.’

अधिकारी का कहना है कि इस नशीले पदार्थ को बड़ी चालाकी के साथ अपने ट्रॉली बैग में छिपाया था. सभी आरोपियों की नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी की गई है.

क्या होती है हाइड्रोपोनिक वीड?

हाइड्रोपोनिक वीड एक ऐसा शब्द है, जिसे एक आम नागरिक आमतौर पर नहीं जानता है. ये बेहद महंगा नशीला पदार्थ है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र एक किलो वीड एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत की होती है. हाइड्रोपोनिक वीड भी एक गांजा है, जोकि सामान्य गांजे से अलग होता है.

इस गांजा की खेती हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल कर की जाती है. ये गांजा मिट्टी के बिना तैयार किया जाता है. इसे उगाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर पानी का घोल बनाया जाता है और उसी का इस्तेमाल कर इसे उगाया जाता है. हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए गए गांजे में सामान्य गांजे की तुलना में उच्च THC (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल) स्तर होता है, जो इसे अधिक नशीला बनाता है. इस हाइड्रोपोनिक गांजे को सिगरेट या सिगार पेपर में भरकर इस्तेमाल किया जाता है.

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