क्या है नमाज पढ़ने का इतिहास, कैसे हुई शुरुआत? असम CM के नए आदेश से शुरू हुई चर्चा

देश

असम विधानसभा में हर शुक्रवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक नमाज के लिए दो घंटे अवकाश की प्रथा खत्म कर दी गई है. यह ब्रेक मुस्लिम विधायकों को नमाज अदा करने के लिए दिया जाता था. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि अब नियम बदल दिया गया है. आगे से शुक्रवार को कोई ब्रेक नहीं दिया जाएगा. आइए जान लेते हैं कि क्या है नमाज पढ़ने का इतिहास और असम विधानसभा में कब और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत?

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry