मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपने सरकारी निवास पर धान खरीद को लेकर समीक्षात्मक बैठक की. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की हरसंभव सहायता के लिये तत्पर है. कृषि कार्य से जुड़े हुए लोगों को धान खरीदी में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखें. धान के अनुमानित उत्पादन के अनुसार ही धान खरीद का जिलावार लक्ष्य निर्धारित करें. धान खरीद कार्य में गड़बड़ करनेवालों पर भी नजर रखें. धान खरीद का कार्य तेजी से और बेहतर ढंग से करें ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो.
इस दौरान एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव डॉ एन सरवन कुमार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य, धान खरीद की प्रस्तावित अवधि और धान खरीद के लक्ष्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.
धान का एमएसपी 2300 रु. प्रति क्विंटल
सचिव डॉ एन सरवन कुमार ने बताया कि इस बार सामान्य ग्रेड के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. धान खरीद की प्रस्तावित अवधि 1 नवंबर 2024 से 15 फरवरी 2025 तक रखा गया है. चरणबद्ध तरीके से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है और इस वर्ष धान खरीद का लक्ष्य 45 लाख मीट्रिक टन रखा गया है. राज्य में उसना चावल मिलों की संख्या अब बढ़कर 360 हो गई है.
धान खरीद का कार्य शुरू
आज की बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने भी धान खरीद की कार्य योजना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में राज्य के 19 जिलों में आज से धान खरीद शुरू कर दिया गया है जबकि बाकी बचे जिलों में 15 नवंबर से धान खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव डॉ एन सरवन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
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