जालंधर: विधायक रमन अरोड़ा के भ्रष्टाचार की परतें खुल रही और हर दिन नए किस्से सामने आ रहे हैं। दुष्कर्म, लाटरी, स्पा, इमारतें और दुकानों के बाद रमन अरोड़ा द्वारा अवैध तरीके से चाइना डोर बेचने वालों से भी लाखों रुपए की रिश्वत लेकर उन्हें सरेआम चाइना डोर बेचने के अनुमति दे दी थी।
हैरानी की बात है कि चाइना डोर कई बच्चों और लोगों की जान ले चुकी है लेकिन लोगों की जिंदगियों को खतरे में डाल कर रमन अरोड़ा ने शहर के मशहूर पतंगों वाले तीन भाइयों से 21 लाख रुपए रिश्वत के लिए थे। सूत्रों के मुताबिक बसंत से पहले जब तीनों भाइयों ने चाइना डोर को डंप कर लिया था तो रमन अरोड़ा के गलियों मोहल्लों और कालोनियों में छोड़े कमाऊ पुत्रों ने उन्हें इस बात की भनक दे दी। रमन अरोड़ा ने फिर उनके ठिकाने पर रेड करके भाइयों को उठा लिया। इसी बीच रमन अरोड़ा की एंट्री हुई जिसके बाद उन्हें शहर में चाइना डोर बेचने के लिए 50 लाख रुपए की मांग की।
यही पतंगे वाले भाई शहर में चाइना डोर की होलसेल का भी काम करते हैं। अरोड़ा ने यह भी कहा कि पैसे देने के बाद एक बार भी पुलिस रेड नहीं होगी जिसके जिम्मेदार वह खुद होंगे। 50 लाख रुपए बड़ी रकम होने के कारण भाइयों ने इतने पैसे न होने की बात की, जिसके बाद तीनों भाइयों ने रमन अरोड़ा को सात-सात लाख रुपए दिए जिसके बाद उन्होंने सरेआम चाइना डोर का कारोबार किया और एक बार भी वहां रेड भी नहीं हुई। पैसों की डील के बाद तीनों भाइयों ने शहर में बिना पुलिस के डर से काम किया। बता दें कि उक्त भाइयों का अलग अलग पतंगों का काम है।
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