कांग्रेस विधायक बोले- RSS-भाजपा उन लोगों को हिंदू धर्म में लाने की कोशिश कर रही जिन्हें हिंदू समाज में ‘शूद्र’ माना गया

मध्य प्रदेश

ग्वालियर : पूर्व सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता फूलसिंह बरैया ने हाल ही में मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला किया है। बरैया का कहना है कि इन संगठनों ने अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों को बढ़ावा दिया है, जिनकी बातों में अंधविश्वासी लोग आसानी से प्रभावित होते हैं और इसके चलते वोट भी देते हैं। बरैया ने कहा कि इस रणनीति के कारण सामाजिक विघटन और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई आदिवासी और अन्य समुदाय खुद को हिंदू धर्म का हिस्सा नहीं मानते। उदाहरण के तौर पर झारखंड जैसे राज्यों में बिल पास हो चुका है जिसमें आदिवासी समुदाय ने स्पष्ट रूप से हिंदू धर्म को अपनाने से इंकार किया है।

भाजपा-आरएसएस धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों को बढ़ावा देते हैं- बरैया

बरैया ने आरोप लगाया कि बीजेपी, आरएसएस और उनके समर्थक उन लोगों को हिंदू धर्म के अंतर्गत लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें परंपरागत हिंदू समाज में ‘शूद्र’ वर्ग माना गया है। उनका कहना है कि यह सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से उचित नहीं है और इस तरह की राजनीति समाज में असमानता और भेदभाव को और बढ़ाती है।

फूल सिंह बरैया ने धीरेंद्र शास्त्री को अंधविश्वासी बताते हुए कहा कि इन जैसे अवैज्ञानिक और अंधविश्वासी लोगों की वजह से देश में विज्ञान की प्रगति रुक गई है। बरैया ने कहा कि ऐसे लोग देश में अंधविश्वास को बढ़ावा देकर समाज को पीछे ले जा रहे हैं।

फूलसिंह बरैया ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के वीआईपी दर्शन बैन करने के ऐलान पर कहा कि बागेश्वर बाबा खुद एक कथा के लगभग 2 करोड़ रुपए लेते हैं, जो गरीब के बस की बात नहीं। इतना पैसा तो एक अमीर वर्ग ही चुका पाता है। ऐसे कल्चर देश में सामाजिक-आर्थिक विभाजन को और गहरा कर देते हैं। बरैया ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों में ऐसा अंधविश्वास फैलाया जा रहा है, जो विज्ञान के खिलाफ है। इससे समाज में अंधविश्वास बढ़ता है और देश में वैज्ञानिक प्रगति रूक जाती है।

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