कटनी के ढीमरखेड़ा में दतला, मोरी और बेलकुण्ड नदी उफान पर, कई मार्ग बंंद

मध्य प्रदेश

कटनी। एमपी के कटनी की दतला, मोरी और बेलकुण्ड नदी उफान पर हैं।लगातार पानी गिरने से ढीमरखेड़ा में परेशानी हो रही है। प्रशासन के लोग घरों में पानी घुसने से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्कूल व मंदिर में पहुंचा रहा है। जिले में अभी भी बारिश जारी है।

थाने के भवन के बाहर तक पानी भरने से सारे रास्ते बंद

जिले रातभर से वर्षा का दौर जारी है। जिले के ढीमरखेड़ा में मंगलवार से ही नदियां उफान पर थीं और कई मार्ग बंंद हो गए थे। वही 24 घंटे में लगातार वर्षा के बाद स्थिति और बिगड़ती जा रही है। ढीमरखेड़ा में मोरी नदी उफान पर होने के साथ ही उसका पानी सड़कों, बस्ती और बाजार में भर गया है। यहां तक की पानी ऊंचाई पर बने थाने के भवन के बाहर तक भरने से सारे रास्ते बंद हो गए हैं।

प्रशासन की टीमों ने एक दर्जन परिवारों को सुरक्षित निकाला

कई घरों में पानी भरने के कारण जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीमों ने एक दर्जन परिवारों को सुरक्षित निकालते हुए स्कूल व मंदिर में रुकवाया है। दूसरी ओर ढीमरखेड़ा से सिलौड़ी दशरमन मार्ग व उमरियापान से ढीमरखेड़ा मार्ग भी बेलकुण्ड नदी और दतला नदी के उफान में होने के कारण बंद हो गए हैं।

ढीमरखेड़ा में 24 घंंटे में 170 मिली मीटर बारिश हो चुकी है

अकेले ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पिछले 24 घंंटे में 170 मिली मीटर बारिश हो चुकी है और लगातार वर्षा जारी है। यहां पर एसडीएम सहित होमगार्ड की टीमों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर जिले के अन्य क्षेत्रों में मंगलवार की शाम से वर्षा शुरू हुई जो रात भर जारी रही और अभी भी क्रम जारी है।

निगम क्षेत्र में भी लोग हुए परेशान

लगातार वर्षा से कटनी के शहरी इलाके में भी नाले नालियां उफान पर हैं। यहां लगातार वर्षा से गायत्री नगर, मंगल नगर और सागर पुलिया में पांच फीट तक पानी भर गया। इसकी वजह से इन मार्गों से आवाजाही बंद हो गई। हालांकि कुछ घंटों बाद पानी की निकासी हो जाने से आवाजाही फिर शुरू हो गई। वर्षा का क्रम रूक-रूक कर जारी है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट की वजह से प्रशासन जिले भर में पानी की वजह से बन रहे हालात पर नजर बनाए हुए है।

कलेक्टर ने दिए निर्देश

कलेक्टर अवि प्रसाद ने ढीमरखेड़ा एसडीएम विंकी सिंहमारे उइके ने इस क्षेत्र के निचले इलाकों के करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और उनके भोजन आदि का प्रबंध करने के लिए निर्देशित किया है। एसडीएम ढीमरखेड़ा ने बताया कि बम्होरी, घाना, सुनारखेड़ा, सिलौंड़ी, इटोली गांव में लगातार वर्षा से जलस्तर बढ़ गया है। इन गांवों में राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है। वर्षा प्रभावित ग्राम घाना में राहत कैंप, भोजन व्यवस्था पंचायत भवन में और सुनारखेड़ा में सामुदायिक भवन में राहत कैंप बनाया गया है। इसी प्रकार से ग्राम पंचायत सिलौंड़ी के कस्तूरबा गांधी भवन में लोगों के ठहरने व भोजन की व्यवस्था कराई गई है।

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