‘कंगूवा’ में बॉबी देओल का मुंह खोलना ही उन पर भारी पड़ गया, सूर्या की फिल्म को ले डूबे!

मनोरंजन

14 नवंबर को सूर्या और बॉबी देओल स्टारर ‘कंगूवा’ सिनेमाघरों में लग चुकी है. इस फिल्म को लेकर काफी बज था. उम्मीद की जा रही थी कि रिलीज के साथ ही ये फिल्म 40 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करेगी. हालांकि ‘कंगूवा’ का खाता महज 24 करोड़ के साथ खुला. इन आंकड़ों ने मेकर्स और स्टार्स को जरूर निराश किया होगा, लेकिन सभी ने ये सोचकर खुद को समझा लिया होगा कि अभी वीकेंड बाकी है. लेकिन शुक्रवार के आंकड़ों ने तो मेकर्स की उम्मीद को ही तोड़ डाला है.

‘कंगूवा’ ने दूसरे दिन महज 9 करोड़ का कलेक्शन किया है. जिन दर्शकों ने इस फिल्म को देखा है वो सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन शेयर करते हुए नजर आ रहे हैं. लेकिन इस फिल्म के जरिए बॉबी देओल वो कमाल नहीं कर पाए हैं, जो उन्होंने ‘एनिमल’ में किया था. देखा जाए तो ‘कंगूवा’ में ‘एनिमल’ के मुकाबले बॉबी देओल का स्क्रीन स्पेस थोड़ा ज्यादा है. ‘कंगूवा’ में विलेन बनकर बॉबी ने खूंखार अवतार भी पेश किया है.

बॉबी देओल की खराब डबिंग

लेकिन जैसे ही सूर्या की फिल्म में बॉबी देओल के डायलॉग शुरू होते हैं, लोगों को वो खटने लगते हैं. अब डायलॉग डिलीवरी कहें या साउथ की स्क्रीप्ट की हिंदी में ट्रांसलेशन… बात जो भी हो दर्शकों को बॉबी का बोलना फिल्म में अच्छा नहीं लग रहा है. यहां बात सिर्फ हिंदी डबिंग ‘कंगूवा’ की हो रही है. बॉबी जब-जब पर्दे पर आते हैं तो उनका खतरनाक रुप देख डर सा भी लगता है. उनका मास खाने का अंदाज लोगों के दिल में डर भी पैदा करता है. लेकिन उनका बोलना सब खराब कर देता है.

यूजर्स का तो ये भी कहना है कि अगर ‘एनिमल’ की तरह बॉबी देओल को ‘कंगूवा’ में कोई डायलॉग नहीं दिया जाता तो वो बेहतर रहता. ऐसा होने की एक यही वजह मानी जा रही है कि फिल्म की असली स्क्रिप्ट तमिल में हैं और इसे हिंदी में डब करते हुए वर्ड टू वर्ड ट्रांसलेट किया गया है, ऐसा फिल्म देखकर लगता है. ऐसे में हिदीं के दर्शकों को बॉबी देओल का ये अंदाज देखने की आदत नहीं है.

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