ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आमने-सामने होंगी भारत-पाकिस्तानी सेना, रूस में शुरू होगा मल्टीनेशनल अभ्यास ZAPAD

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय और पाकिस्तानी सेना आमने-सामने दिखाई देंगी. मौका है रूस में आयोजित होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास ZAPAD-2025 का है. 1 सितंबर से 17 सितंबर तक चलने वाले इस मल्टीनेशनल अभ्यास में भारत, पाकिस्तान, चीन समेत 20 देशों की सेनाएं हिस्सा ले रही हैं. भारत की ओर से 70 सदस्यीय दल सोमवार तक रूस रवाना होने की संभावना है.

भारत और रूस के बीच दशकों से गहरे राजनयिक, सामरिक और व्यापारिक रिश्ते हैं. रूस ने हमेशा मुश्किल वक्त में भारत का साथ दिया और भारत ने भी उस भरोसे को कायम रखा. यूक्रेन युद्ध के दौरान जब पश्चिमी देशों ने रूस पर दबाव बनाया, तब भी भारत ने अपने हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से संबंध बनाए रखे. इसी कड़ी में भारतीय सेना रूस के बुलावे पर ZAPAD अभ्यास में शामिल हो रही है, भले ही इसमें पाकिस्तान भी मौजूद रहेगा.

ग्रुपिंग में अलग होंगे भारत, चीन और पाकिस्तान

सूत्रों के मुताबिक, अभ्यास में शामिल देशों को आमतौर पर अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाता है. चीन और पाकिस्तान एक ग्रुप में रहते हैं, जबकि भारत को अलग ग्रुप में रखा जाता है.

अक्टूबर में भारत में होगा इंद्रा अभ्यास

ZAPAD के बाद भारत और रूस की सेनाएं एक और बड़ा अभ्यास करेंगी. अक्टूबर में भारत में इंद्रा-2025 अभ्यास होगा. इसकी शुरुआत 2003 में केवल नेवी के साथ हुई थी, लेकिन अब इसमें आर्मी और एयरफोर्स भी शामिल हैं.

इंद्रा का मुख्य एजेंडा आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और साझा रणनीति पर काम करना है. हाल के वर्षों में इसमें ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसे आधुनिक पहलू भी जोड़े गए हैं.

तनाव के बाद भी अमेरिका के साथ जारी हैं दो अभ्यास

भारत की सैन्य तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रूस के साथ-साथ अमेरिका के साथ भी बड़े अभ्यास चल रहे हैं.

युद्ध अभ्यास-2025: अलास्का के फोर्ट वेनराइट में भारत और अमेरिका का संयुक्त अभ्यास 1 से 14 सितंबर तक चल रहा है. इसमें भारत की मद्रास रेजिमेंट की बटालियन और अमेरिकी 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की ब्रिगेड कॉम्बैट टीम हिस्सा ले रही है.

ब्राइट स्टार एक्सरसाइज: 28 अगस्त से 10 सितंबर तक मिस्र में चल रहे इस अभ्यास में पहली बार भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनों अंग शामिल हुए हैं. 19वें संस्करण में 700 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. इसे मिस्र और अमेरिका की सेंट्रल कमांड मिलकर आयोजित करती हैं.

भारत इस समय एक साथ रूस, अमेरिका और मिस्र जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ सैन्य अभ्यासों में भाग ले रहा है. इससे साफ है कि भारतीय सेना न सिर्फ सामरिक सहयोग बढ़ा रही है, बल्कि मल्टीनेशनल मंचों पर अपनी मौजूदगी और ताकत भी लगातार मजबूत कर रही है.

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