ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में सर्वर फेल, भीषण गर्मी में आवेदकों में मची हाहाकार

पंजाब

जालंधर: ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर, नजदीक बस स्टैंड का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। सैंटर में सर्वर फेल हो जाने के कारण सैंकड़ों लोगों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ी, जिस कारण लोग सिस्टम को खासे कोसते नजर आए। सेंटर में सुबह से ही सर्वर आंख मिचौली खेलता रहा और कभी चल रहा था, कभी बंद हो रहा था। लेकिन जब कुछ देर के लिए ऑन हुआ भी, तो इतनी धीमी गति से काम कर रहा था कि आवेदकों के फॉर्म तक अपलोड नहीं हो सके।

वहीं, ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट लेकर सुबह 9 बजे से ही लोग अपने-अपने डॉक्यूमेंट्स के साथ लाइसेंस बनवाने के लिए सेंटर पर पहुंचने शुरू हो गए थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, सर्वर की समस्या गंभीर होती गई। 12 बजे के करीब सर्वर पूरी तरह से ठप्प हो गया, जिसके बाद सैकड़ों आवेदकों को दोपहर 2.30 बजे तक इंतजार करना पड़ा। अंततः ए.आर.टी.ओ. विशाल गोयल के आदेश पर एन.आई.सी. का सर्वर खराब होने के कारण आज ट्रेक टैस्ट न होने संबंधित पोस्टर सैंटर के बाहर चस्पा दिए।

हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है जब जालंधर का ड्राइविंग टैस्ट सैंटर तकनीकी समस्याओं के कारण ठप्प पड़ा हो। पिछले 15 दिनों में सरकारी अवकाश के अलावा कुल 8 दिनों में सैंटर का कामकाज कभी सर्वर तो कभी कैमरे की खराबी के कारण प्रभावित हुआ है। बीते गुरुवार और शुक्रवार को सर्वर पूरी तरह से ठप्प रहा, जबकि शनिवार और रविवार को सैंटर अवकाश के कारण बंद था। सोमवार को फिर वहीं हालात रहे, जिससे जनता में भारी रोष देखने को मिला।

परेशान आवेदकों का कहना है कि सरकार हर मंच से डिजिटलीकरण और पारदर्शिता की बात करती है, परंतु जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जहां एक ओर सिस्टम को ऑटोमेटेड और टैक्नोलॉजी से लैस बताया जाता है। वहीं दूसरी ओर सर्वर जैसी बुनियादी तकनीकी सुविधाएं तक समय पर दुरुस्त नहीं हो पातीं। सैंटर में आए लोगों के अनुसार, सर्वर की खराबी अब आम समस्या बन चुकी है। न तो इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम हैं और न ही कोई स्पष्ट सूचना तंत्र है, जिससे लोग पहले से अवगत हो सके कि सेंटर में काम होगा या नहीं। परिणामस्वरूप, लोग अपने काम-धंधा छोड़कर यहां पहुंचते हैं और आखिरकार निराश होकर लौटते हैं।

वह स्टूडैंट है और आज खास तौर पर इंस्टीच्यूट से छुट्टी लेकर आया था ताकि ड्राइविंग लाइसैंस बनवा सकूं। लेकिन यहां आकर देखा तो सर्वर बार-बार बंद हो रहा था। 6 घंटे इंतजार के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। अब फिर छुट्टी लेकर कब आ पाऊंगा, यह कहना मुश्किल है। क्या हमारा समय और मेहनत की कोई कीमत नहीं?

मैं मार्बल का कारीगर हूं।  सुबह से काम बंद करके आया था ताकि लाइसेंस का काम निपटा सकूं, लेकिन यहां सिर्फ परेशानी मिली। गर्मी में घंटों इंतजार किया और आखिर में बिना कोई काम हुए घर लौटना पड़ा। दिसंबर 2024 से लाइसेंस बनवाने को लेकर चक्कर काट रहा हूं। अब तक छह बार सेंटर आ चुका हूं, हर बार कोई न कोई तकनीकी समस्या आ जाती है। न तो यहां कोई पुख्ता सूचना मिलती है और न ही कोई समाधान। आज भी काम नहीं हुआ। लगता है आप सरकार को आम जनता की कोई परवाह नहीं।

आप सरकार के कार्यकाल में सरकारी विभागों का निकला जनाजा – राजेश भट्टी

पंजाब प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजेश भट्टी ने आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार के सवा तीन साल के कार्यकाल में सरकारी विभागों का जनाजा निकल चुका है। एक तरफ जनता से डिजिटल पंजाब के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर हो चुके हैं। एक लाइसेंस बनवाने का काम भी लोगों के लिए पहाड़ खोदने के समान बन चुका है। न तो सर्वर चलता हैं, न स्टाफ की जवाबदेही तय होती है।

राजेश भट्टी ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ प्रचार और झूठे दावों में लगी हुई है, जबकि आम जनता की समस्याओं को लेकर उसकी कोई गंभीरता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई मुफ्त सेवा लेने नहीं आते। पहले ऑनलाइन फीस भरते हैं, समय खर्च करते हैं, फिर भी यही हालात झेलने पड़ते हैं। राजेश भट्टी ने कहा कि सर्वर का संचालन करने वाली प्राइवेट कंपनी एनआईसी का लापरवाही को लेकर कंपनी का ठेका रद्द किया जाए।

सर्वर चंडीगढ़ से संचालित होता, तकनीकी खराबी का पूरे राज्य में असर देखने को मिलता है : ए.आर.टी.ओ

बार-बार सर्वर फेल होने के कारणों पर ए.आर.टी.ओ विशाल गोयल से बात की गई तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सर्वर चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय सर्वर से जुड़ा होता है और जब वहां कोई तकनीकी खराबी आती है, तो पूरे राज्य में असर देखने को मिलता है। लेकिन सवाल यह है कि ऐसी विफलताओं के लिए पहले से कोई योजना क्यों नहीं होती।

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