इंदौर, धार। धार जिले के मांडू में कांग्रेस के दो दिवसीय नव संकल्प शिविर में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं चल रही हैं। पहले दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस आयोजन में वर्चुअल जुड़ने वाले थे। दोपहर तक वे इससे नहीं जुड़ पाए हैं। सुबह 10 बजे औपचारिक शुभारंभ के बाद लगातार दोपहर 2 बजे तक अलग-अलग सत्र का आयोजन किया जा रहा है। कांग्रेस के विधायक पहुंचे हैं और मंथन में शामिल हुए हैं। सत्र के दौरान मीडिया का प्रवेश निषेध है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन कांग्रेस ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने अपने विधायकों के लिए दो दिवसीय नव संकल्प शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ विशेषज्ञ भी विधायकों को संबोधित कर रहे हैं।
मप्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि दो दिवसीय शिविर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राजनीतिक विशेषज्ञ और प्रेरक वक्ता विधायकों के साथ गहन चिंतन कर अपने अनुभव साझा करेंगे। शिविर को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी वर्चुअली संबोधित करेंगे। वे विधायकों को पार्टी की रणनीति, मूल्यों और समकालीन राजनीतिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन देंगे।
12 अलग-अलग सत्र
सिंघार ने बताया कि शिविर में कुल 12 सत्र होंगे। इसमें कांग्रेस पार्टी के इतिहास, आजादी के आंदोलन में उसका योगदान, संगठनात्मक रणनीति और पार्टी की भविष्य की योजना पर चर्चा होगी। शिविर में कांग्रेस की नई सोच, नई रणनीति, मिशन 2028 और राज्य की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर विधायकों से मंथन किया जाएगा।
शिविर में विधायकों के साथ भाजपा सरकार को घेरने और जनता की समस्याओं पर मंथन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिविर को संबोधित करने वालों में राहुल गांधी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राज्यसभा सदस्य अजय माकन शामिल हैं। सिंघार ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेनिंग कार्यक्रम नहीं है बल्कि मिशन 2028 की तैयारी है। इससे पार्टी संगठन मजबूत होगा।
भाजपा ने भ्रष्टाचार को शिष्टाचार मान लिया
सिंघार ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार को शिष्टाचार मान लिया है। भाजपा नेता और अधिकारी मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। जनता को नहीं पता उसका पैसा कहां जा रहा है। एक रात में पांच किमी लंबी सड़क बन जाती है, 500 चैंबर बन जाते हैं और किसी के खिलाफ कुछ नहीं होता।
जल जीवन मिशन, परिवहन घोटाला, नर्सिंग घोटाला जैसे दर्जनों घोटाले हैं, लेकिन किसी मामले में कुछ नहीं हो रहा। प्रदेश में पुलिसिया राज हो गया है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को धारा 107, 151 में कार्रवाई कर जबरन फंसाया जा रहा है।
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