उज्जैन के महाकाल से लेकर वाराणसी के अस्सी घाट तक… नए साल पर मंदिरों में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मध्य प्रदेश

नए साल के पहले दिन धर्म स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन सुबह लाखों भक्त विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. मंदिर में 3 बजे से बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध नजर आ रहे थे. भस्म आरती की शुरुआत होते ही श्रद्धालु जय श्री महाकाल का उद्घोष करते हुए बैरिकेट्स में पहुंचे.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नववर्ष 2025 के पहले दिन अस्सी घाट पर गंगा आरती की गई. आंध्र प्रदेश के तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी. वहीं, राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर जायरीन पहुंचे. उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पर चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए और नववर्ष पर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के साथ ही सुख समृद्धि की कामना भी की.

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि बुधवार पर आज बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे. भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए. जिसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर पंचामृत अभिषेक और फिर केसर युक्त जल अर्पित किया गया.

भक्तों ने लिया चलित भस्म आरती का लाभ

नववर्ष के पहले दिन बाबा महाकाल का अलग ही स्वरुप में श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर भक्त बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे, जिसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई. नववर्ष का पहला दिन होने के कारण महाकालेश्वर मंदिर में हजारों भक्तों ने चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया. इस दौरान पूरे देश भर से बाबा महाकाल के श्रद्धालु भगवान के दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचे.

सिर्फ बाबा महाकाल की होती है भस्म आरती

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु ने बताया कि 12 ज्योतिर्लिंगों में सिर्फ बाबा महाकाल का दरबार ही एक ऐसा स्थान है जहां पर प्रतिदिन सुबह भगवान की भस्म आरती की जाती है, जिसमें बाबा महाकाल भस्म से स्वयं का श्रृंगार करते हैं. यह आरती प्रतिदिन सुबह चार बजे भस्म से की जाती है. इसके दौरान सुबह चार बजे भगवान का जलाभिषेक किया जाता है.

बेहतर दिखी व्यवस्थाएं

पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि लाखों श्रद्धालु आज शाम तक बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लेंगे. इसीलिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन करने में कोई भी असुविधा न हो इसी, मुताबिक मंदिर में व्यवस्थाएं जुटाई है. आज बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने ठीक से बाबा महाकाल के दर्शन होने पर श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति की जमकर तारीफ की.

खोला गया जन्नती दरवाजा

नया साल पर अजमेर की ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह शरीफ पर स्थित जन्नती दरवाजा खोला गया. नए साल के पहले दिन दरगाह शरीफ पर जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी. जियारत के लिए दूर-दूर से जायरीन दरगाह श्त्रीफ पहुंचे. सुबह फज्र की नमाज के बाद दरगाह शरीफ में स्थित जन्नती दरवाजे को खोला गया.

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