हनुमान बालाजी भारतीय चिकित्सा संस्थान में अयोध्या की तर्ज पर भव्य मंदिर निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

दिल्ली
गाजियाबाद , 8 जुलाई : मोदीनगर के ग्राम ईशाकनगर स्थित श्री हनुमान बालाजी भारतीय चिकित्सा चैरिटेबल स्वास्थ्यवर्धक संस्थान के परिसर के विशाल भव्य मंदिर में विभिन्न विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिसर में चल रही परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराना तथा रोगमुक्त जीवन की दिशा में प्रेरित करना था।
संस्थान के परिसर में एक भव्य मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न हुआ है, जिसके गर्भगृह में मुख्य देवता श्री हनुमान बालाजी हैं साथ ही भगवान शिव परिवार, श्री राम दरबार, श्री कृष्ण-राधा, माता दुर्गा , श्री गणेश भगवान , श्री धनवंतरि भगवान , श्री शनिदेव भगवान , नवग्रह और अन्य देवताओं के विग्रह भी स्थापित किये गये हैं ।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंदिर में चल रही प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में पूजा अर्चना के साथ भाग लिया, इसके साथ ही संस्थान का निरीक्षण किया और नवनिर्मित फार्मेसी का विधिवत उद्घाटन किया।
आयुष मंत्री ने कहा कि यह संस्थान किसी भी प्रकार के लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना है कि कैसे वे प्राकृतिक जीवनशैली और चिकित्सा पद्धति अपनाकर निरोग रह सकते हैं। मृत्यु अटल है, लेकिन जीवन को बेहतर बनाना हमारे हाथ में है। आज की भागदौड़, फास्ट फूड और प्रदूषण ने जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित किया है। ऐसे में प्राकृतिक चिकित्सा ही शरीर को शुद्ध करने और रोगों से बचाने का सर्वोत्तम विकल्प है।
संस्थान के अध्यक्ष श्री विनोद बिंदल ने बताया कि यहां पंचभूत सिद्धांत के आधार पर उपचार किया जाता है, जिससे न केवल शारीरिक रोग दूर होते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। जो भी व्यक्ति यहां आता है, वह लाभान्वित होकर दूसरों को भी प्रेरित करता है। यह केंद्र मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि रोगियों को सच्ची सेवा और समाधान देने के उद्देश्य से कार्यरत है।
आयुष मंत्री ने जनता से अपील की कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होंने कहा कि एलोपैथी पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम अपनी प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक सिद्द चिकित्सा प्रणाली को अपनाएं, क्योंकि यह रोगों को जड़ से समाप्त करने में सक्षम है।
संस्थान के अध्यक्ष श्री विनोद बिंदल ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनौतियां हर क्षेत्र में होती हैं, लेकिन यदि कार्य शुद्धता और सेवा भाव से किया जाए तो कोई प्रतियोगिता बाधा नहीं बन सकती। प्राकृतिक चिकित्सा अपनाकर ही हम शरीर, मन और विचार को शुद्ध कर सकते हैं।
इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी श्री विजय बहादुर पाठक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री श्री अशोक मोगा, तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हापुड़ श्री राजेंद्र विशेष रूप से मौजूद रहे।
जिला महिला मोर्चा नोएडा की अध्यक्ष श्रीमती रचना जैन, लोक दल के जिला उपाध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान श्री अनुज मालिक, कीवी फूड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजेंद्र अग्रवाल, तथा इफको के एमडी श्री उदय शंकर अवस्थी की उपस्थिति भी कार्यक्रम में रही।
कार्यक्रम में पूर्व सीईओ ज़ी एंटरटेनमेंट श्री विजय गोपाल जिंदल, इफको के सलाहकार श्री अजय पांडे, आयकर विभाग के पूर्व प्रमुख मुख्य आयुक्त श्री पी.के. गुप्ता व श्री बिनोद कुमार, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजीव शंकर, पूर्व आईआरएस अधिकारी श्री खेमवाल सूबे सिंह, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के सेवानिवृत्त सदस्य श्री प्रवीन बंसल व श्री अनिल चतुर्वेदी, तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक राणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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