ईरान में इस समय सजा-ए-मौत को लेकर लोगों का गुस्सा फूटा है. खोमेनेई के खिलाफ ही देश में विरोध की आग सुलग रही है. दरअसल, तेहरान में मौत की सजा सुननाने की संख्या बढ़ती जा रही है. जिसको लेकर अब 800 ईरानी कार्यकर्ताओं, जिनमें राजनीतिक कैदी भी शामिल हैं, ने शुक्रवार को इसीक निंदा करते हुए इसे दमन का उपकरण कहा.
ईरान में सिर्फ अक्तूबर के महीने में ही मानवाधिकार समूहों ने 280 लोगों को फांसी दी है. एक संयुक्त बयान में विभिन्न विचारधाराओं के नागरिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने देश की आलोचना करते हुए कहा कि उसने फांसी को नियंत्रण और दमन का साधन बना दिया है.
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