डेराबस्सी: मुबारकपुर-पंचकूला जाने के लिए घग्गर नदी पर बने कॉजवे के दोनों तरफ किनारों पर लगे टूटे पिल्लर राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। पिलरों के टूटे होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले काफी समय से कॉजवे पर लगे टूटे पिल्लरों की किसी भी अधिकारी ने कोई सुध नहीं ली। इससे इस कॉजवे से गुजरने वाले राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
जानकारी देते हुए आसपास गांव के लोगों और वाहन चालकों ने बताया कि जब वे इस कॉजवे से गुजरते हैं तो हमेशा डर का रहता है क्योंकि दोनों तरफ के पिल्लर टूटे हुए हैं। इन पिलरों के टूटे होने के कारण अक्सर रात के समय वाहन चालक इस कॉजवे से भटक जाते हैं और कई वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं। इस मार्ग से अधिकारी भी गुजरते हैं पर इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
ऐसा लग रहा है जैसे बड़ा हादसा होने के इंतजार में हैं। यह कॉजवे अंबाला, डेराबस्सी, लालडू समेत कई गांवों के लिए जीरकपुर और पंचकूला जाने के लिए शॉर्ट-कट रास्ता है और इस वजह से इस कॉजवे पर काफी ट्रैफिक रहता है। राहगीरों व आसपास गांवों के लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मुबारकपुर काजवे के किनारों पर लगे टूटे पिलरों की हालत सधारी जाए।
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