इंसाफ मांग रहे SSC छात्रों पर पुलिस की ‘लाठी-लीला’…अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर निशाना

दिल्ली

दिल्ली के रामलीला मैदान में SSC परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग को लेकर धरना दे रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर जमकर हमले किए. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पुलिस लाठीचार्ज के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किये और इसे सरकार की तानाशाही करार दिया. आम आदमी पार्टी ने SSC छात्रों के साथ खड़े होने और उनकी हर संभव मदद का भरोसा दिया है.

नीट से लेकर एसएससी तक धांधली का आरोप

आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में कई हफ्तों से चल रहा SSC स्टूडेंट्स का प्रदर्शन रविवार को रामलीला मैदान पर हो रहा था. कई हफ्तों से SSC छात्र और उनके टीचर अपनी आवाज उठा रहे हैं. वहां कुछ छात्र और उनके शिक्षक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. इनमें छोटी-छोटी लड़कियां, नौजवान लड़के और टीचर शामिल थे. लेकिन केंद्र सरकार के अधीन दिल्ली पुलिस ने बेहद शर्मनाक और प्रजातंत्र को कलंकित करने वाला कृत्य है.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले टेंट की लाइट काट दी, अंधेरा कर दिया, ताकि अंधेरे में बच्चों पर हमला किया जाए और कोई वीडियो न बन पाए. इसके बाद सादे कपड़ों में पुलिसवालों ने छात्रों के साथ बर्बरता की, मारा- पीटा. बच्चों ने अपने फोन की लाइट जलाकर वीडियो रिकॉर्ड किए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मां-बाप अपने बच्चों को 12 साल स्कूल में पढ़ाते हैं ताकि बच्चा पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, क्लर्क, स्टेनो या एसएससी पास करके छोटी-मोटी सरकारी नौकरी पा ले. लोग गांव-कस्बों में अपनी सारी पूंजी ट्यूशन और कोचिंग में लगा देते हैं. बच्चे 12वीं पास करने के बाद 18-18 घंटे पढ़ाई करते हैं, नीट की परीक्षा देते हैं और पता चलता है कि नीट में संगठित धांधली हो रही है. यह कोई छोटी-मोटी चीटिंग नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार है. नालायक लोग डॉक्टर बनाए जा रहे हैं और लायक लोग बाहर कर दिए जा रहे हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि SSC परीक्षाओं में भी यही हो रहा है. दो-चार साल से मेहनत करने वाले बच्चे बर्बाद होकर घर बैठे हैं और जिन्होंने पैसे देकर सांठगांठ की, वे बाबू और अफसर बन रहे हैं. देश का युवा सड़कों पर अपने हक के लिए लड़ रहा है, और भाजपा की केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस उन्हें डंडों-लाठियों से पीट रही है. यह बेहद शर्मनाक है.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले 10-11 साल में कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा, जो दिल्ली पुलिस से न पिटा हो. जीएसटी के खिलाफ व्यापारी सड़कों पर उतरे, उन्हें पीटा गया. डॉक्टरों ने कानून के खिलाफ आंदोलन किया, वे पिटे. छात्रों के कई आंदोलन हुए, वे पिटे. फौजियों ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग की, वे जंतर-मंतर पर पिटे. वकीलों ने हड़ताल की, वे पिटे. कुत्ता प्रेमी, जो अंग्रेजी बोलते हैं और भाजपा को वोट देते हैं, वे भी पिटे. गरीबों की तो झुग्गियां तोड़ी जाती हैं, रेहड़ी-पटरी हटाई जाती है और वे भी पिटते हैं.

रोजगार देने के बदले युवाओं पर लाठीचार्ज क्यों

वहीं वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा की लाठी-लीला. SSC के छात्रों और शिक्षकों पर बेरहमी से लाठियाँ चलवाईं, उन्हें पकड़-पकड़ कर घसीटा. रोज़गार देने में सबसे पीछे, लेकिन युवाओं पर लाठियाँ बांटने में मोदी सरकार नंबर 1 है.

नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने एक्स पर कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में SSC के छात्रों और शिक्षकों पर बीजेपी सरकार ने पुलिस के डंडे बरसवाए. सवाल पूछने वाले युवाओं को सुना नहीं गया, बल्कि उन्हें जमीन पर घसीट-घसीट कर पीटा गया. ये बताता है कि देश में लोकतंत्र की जगह बीजेपी का दमन-तंत्र चल रहा है. सवाल पूछने वालों की आवाज ही कुचल दी जाती है.

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