इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर आशीष सिंह ने लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत भिक्षा लेने और देने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत भिक्षा लेने और देने के दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर में भिक्षा लेने और देने दोनों को प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने गुरुवार को बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर एक व्यक्ति के खिलाफ भिक्षा देना का मामला दर्ज हुआ है जबकि एक बुजुर्ग महिला के बेटे खिलाफ लगातार भिक्षावृत्ति करने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
दरअसल महिला के बेटे ने पूर्व में जिला प्रशासन को एक शपथ पत्र दिया था जिसमें उसने अपनी मां से कभी भिक्षावृत्ति नहीं कराने की बात की थी लेकिन महिला तीसरी बार भिक्षा मांगते हुए पकड़ी गई है। फिलहाल जिला प्रशासन की सख्ती के बाद शहर में भिक्षावृत्ति के केस में कमी देखने को मिल रही है।
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