इंदौर के सरकारी दफ्तरों में जाने के लिए हेलमेट अनिवार्य, जिन्होंने पहना उनका हो रहा स्वागत

मध्य प्रदेश

 इंदौर। हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश एक अगस्त से लागू किया है। अब इसकी अगली कड़ी में शासकीय कार्यालयों में भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है।

कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद जिले के शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। आज से शासकीय कार्यालयों में इसको प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों से आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। वहीं कार्यालय आने वाले आवेदकों को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जाएगी।

दिखने लगा असर…

जिले में शुक्रवार से लागू हुए नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश का प्रभावी रूप से पालन किया जा रहा है। रविवार को भी पंपों से दोपहिया वाहन चालकों को बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। वाहन चालकों के लिए कुछ पंपों पर हेलमेट भी बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। साथ ही शहर के फुटपाथों पर भी अब हेलमेट की दुकानें खुल गई हैं। सख्ती का असर अब दिखने लगा है और पंपों पर लोग हेलमेट पहनकर ही पेट्रोल भरवाने आने लगे हैं।

प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पंपों की मानिटरिंग भी कर रही है। प्रशासनिक कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा आइडीए, नगर निगम, डीएवीवी और स्कूल शिक्षा विभाग ने भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है।

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