इंदौर। प्रदेशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से संचालित बीई-बीटेक में प्रवेश को लेकर डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (डीटीई) की काउंसलिंग चल रही है। मंगलवार यानी 20 अगस्त से दूसरे चरण की काउंसलिंग रखी है, जिसमें छात्र-छात्राएं अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम व कॉलेज के लिए आवेदन कर सकेंगे। डीटीई ने पंजीयन के लिए चार दिन का समय दिया है।
24 अगस्त तक आवेदन करने की प्रक्रिया रखी है। जबकि प्रवेश फार्म में सुधार 26 अगस्त तक किए जा सकेंगे। पसंदीदा कालेजों को सूची में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को 27 अगस्त तक च्वाइंस फीलिंग करने का समय दिया है।
प्राप्त आवेदन के आधार पर विभाग मेरिट सूची तैयार करेगा, जो 28 अगस्त को जारी होगी। फिर विद्यार्थियों को उनके पसंदीदा कॉलेजों में मेरिट के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी। यह सूची तीन सितंबर को आएगी। कालेज मिलते ही छात्र-छात्राओं को छह सितंबर तक फीस जमा करना होगी।
सिर्फ बीई की दो लाख सीटें
प्रदेशभर में 300 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते हैं। यहां अकेले बीई पाठ्यक्रम की दो लाख और डेढ़ लाख बीटेक की सीटें हैं। पहले चरण में जेईई देने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। जबकि दूसरे चरण से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राएं भी आवेदन कर सकते हैं।
इंदौर जिले में महज पांच से छह कॉलेजों में प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों की रुचि देखी गई है, जिसमें एसजीएसआइटीएस, आइईटी, वैष्णव कॉलेज सहित दो अन्य कॉलेज शामिल हैं। इसके बाद बाकी संस्थानों में विद्यार्थी पढ़ना पसंद करते हैं।
कंप्यूटर साइंस-आईटी में डिमांड
प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की अधिक रुचि इंजीनियरिंग की चुनिंदा ब्रांच में देखने को मिल रही है, जिसमें कंप्यूटर साइंस, आईटी, एआइ, साइबर सिक्यूरिटी, टेली कम्युनिकेशन हैं। पहले चरण में इन विषयों की 60 फीसद सीटें भर चुकी हैं। इनके बाद सिविल और मैकेनिकल ब्रांच में विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं।
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