आंध्र प्रदेश: जाल में फंसी ऐसी मछली… चंद मिनटों में मालामाल हो गया मछुआरा

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आंध्र प्रदेश में एक मछुआरे ने न तो कोई बैंक, न ही कोई लॉटरी का टिकट खरीदा फिर भी वह रातोंरात अमीर हो गया, जिसकी वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, काकीनाडा के तट पर मछुआरे ले विशालकाय मछली पकड़ी थी जिसके लिए उसको 3 लाख से ज्यादा रुपये मिले.

जानकारी के मुताबिक मछुआरे ने समुद्र में जाकर दुर्लभ ‘कचिडी’ मछली का पकड़ा है. सौभाग्य के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले इस मछली के पकड़े जाने से उन्हें 3 लाख 95 हजार रुपये की भारी रकम मिली है. मछुआरे को मछली को पकड़ने में काफी मश्क्कत करनी पड़ी,लेकिन बिना हार माने उसने पकड़ ही ली.

पेट में होते हैं औषधीय गुण

इस दुर्लभ मछली पर दावा करने के लिए कई व्यापारी एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं, लेकिन एक स्थानीय व्यापारी ने इसे सफलतापूर्वक हासिल कर लिया और मछुआरे को इसकी रकम दी. कचिडी मछली का मांस बहुत स्वादिष्ट होता है, लेकिन बात सिर्फ पकाने और खाने की नहीं है.इस मछली के और भी कई फायदे हैं. नर कार्प मछली के पेट में औषधीय गुण होते हैं. यही कारण है कि इस मछली की बाजार में अच्छी मांग है. ऐसा कहा जाता है कि जो इस मछली को एक बार चख लेता है, वह इसे बार-बार खाने के लिए हमेशा उत्सुक रहता है.

मछली का उपयोग

इंडो-पैसिफिक में पाई जाने वाली ‘कचिडी’ मछली में औषधीय गुणों के अलावा पौष्टिक गुण और बेहतरीन स्वाद भी पाया जाता है. यह भी माना जाता है कि इस मछली का उपयोग लीवर, फेफड़े और पित्ताशय से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए दवा बनाने में किया जाता है. कचिड मछली का उपयोग फोर्टीफाइड वाइन बनाने की प्रक्रिया में भी किया जाता है. समुद्री जल में पाई जाने वाली इस दुर्लभ मछली को मछुआरे गोल्डन फिश कहते हैं. वे सामान्य मछलियों की तरह जाल में आसानी से नहीं फंसती. कचिडी मछली में नर कचिडी मछली चमकदार और सुनहरे रंग की होती है.

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