औरंगजेब को महान बताने वाले महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्हें विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है. इस पर आजमी ने कहा है, मेरा निलंबन सरकार की मनमानी है. मेरे और मेरे परिवार को जान का खतरा बना हुआ है. अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. महाराष्ट्र में दो कानून चल रहे हैं. अगर महाराष्ट्र में लोकतंत्र खत्म हो चूका है तो सरकार जनता के साथ और जनता के चुने हुए प्रतिनिधि के साथ कुछ भी कर सकती है.
अबू आजमी ने कहा, मैंने कोई विवादित बात नहीं कही. मैंने सिर्फ वही कहा जो इतिहास में लिखा है. अगर मेरी बातों की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं. मैंने इतिहास में लिखी हुई बातों का ही हवाला दिया है. मैं ठाकरे गुट की कोई ‘बी टीम’ नहीं हूं. कल वो ‘ए टीम’ के साथ भी जा सकते हैं. वो 30 साल पहले भी साथ थे.
शिंदे के साथ वही होगा जो खुदा को मंजूर होगा
महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष ने कहा, एकनाथ शिंदे के साथ वही होगा जो खुदा को मंजूर होगा. मैं विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर पूछूंगा कि मेरे खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की गई. मैं कानूनी प्रक्रिया के जरिए भी न्याय की मांग करूंगा. मेरे खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी मैं कानूनी लड़ाई लड़ूंगा.
मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है
उन्होंने कहा, इस घटना के बाद मुझे कई धमकी भरे फोन आ रहे हैं. मुझे अलग-अलग नंबरों से जान से मारने की धमकी दी जा रही है. मैं पुलिस सुरक्षा के लिए भी आवेदन दूंगा. अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
अबू आजमी ने क्या कहा था?
अबू आजमी ने कहा था, औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए. औरंगजेब क्रूर नहीं था. औरंगजेब के बारे में मैंने जितना पढ़ा है, उसने कभी भी जनता का पैसा अपने लिए नहीं लिया. उसका शासन म्यांमार तक फैला था. मुझे लगता है कि वो एक महान प्रशासक थे. उसकी सेना में कई हिंदू कमांडर थे.
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