राजस्थान के भीलवाड़ा में एक पोती ने अपने ही दादा के घर में लूट की वारदात को अंजाम दे डाला. पुल प्रूफ प्लानिंग के साथ उसने घर में लूट की. फिर तिजोरी से लाखों रुपये लेकर फुर्र हो गई. लेकिन वो कहते हैं न कि चोर चाहे जितना भी शातिर क्यों न हो, कभी न कभी पकड़ा जरूर जाता है. यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ. आरोपी पोती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. क्या है पूरा मामला चलिए जानते हैं.
पुलिस ने बताया- 15 जून को हरणी गांव निवासी बक्षु लाल जाट ने आकर रिपोर्ट दी थी. इसमें बक्षु ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन बेची थी. इसके उन्हें 90 लाख रुपए मिले थे. उन रुपयों को उन्होंने अपने घर की तिजोरी में रखा था. अगले दिन देखा तो वहां रुपए नहीं थे. न तो ताला टूटा था और न ही घर में तिजोरी में कोई तोड़फोड़ हुई थी. इसके बाद पुलिस ने इस चोरी में घर के किसी सदस्य के होने के शक के आधार पर जांच शुरू की.
सिटी पुलिस ने बताया कि मामले में बक्षु ने भैसाकुंडल हमीरगढ़ निवासी पोती पूजा चौधरी (28) पत्नी कैलाश चंद्र चौधरी पर शक जताया. इस पर पुलिस ने पूजा से जब सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गई. उसने बताया कि उसकी दादा के रुपयों पर नजर थी. रात में जब दादा-दादी नींद में थे, तो उसने दादी की कमर में बंधी करधनी से चाबी निकाली. इस चाबी से तिजोरी खोलकर पैसे निकाल लिए.
सेकंड हैंड कार भी खरीदी
इसके बाद उसने भैसाकुंडल हमीरगढ़ निवासी अपने चचेरे भाइयों सुरेश जाट व नारायण जाट के साथ मिलकर उनके दोस्त हंसराज उर्फ सोनू के भीलवाड़ा स्थित घर में पैसों को छुपा दिया. पूजा ने यह भी बताया कि उसने डेढ़ लाख रुपए की एक सेकंड हैंड कार भी खरीदी.
मायके आई थी पोती
पूजा चौधरी 14 जून को ससुराल भैसाकुंडल हमीरगढ़ से पीहर हरणी गांव आई थी. उसके पिता के घर के पड़ोस में दादा (पिता के चाचा) बक्षु लाल जाट का मकान है. पूजा को उनके घर में रखे पैसों की जानकारी थी. उसका दादा के घर आना-जाना लगा रहता था. बस इसी का फायदा पूजा उठाया. पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश करके आगामी कार्रवाई करेगी. पुलिस ने फिलहाल इनके पास से 82 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं. बाकी पैसों के लिए पूछताछ की जा रही है.
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