बिहार में फर्जी आइएएस, आइपीएस के अलावा फर्जी अधिकारियों, दारोगा की खबरें आए दिन आती रहती हैं , लेकिन इस बीच एक ऐसी भी खबर है, जिसने अधिकारियों के होश को उड़ा दिया है. दरअसल फर्जीवाड़ा करने वालों ने एक फर्जी रीजनल ऑफिस ही खोल दिया था. इस दफ्तर में सरकारी ऑफिस के जैसा ही काम हो रहा था. ऐसे में जब सरकारी अधिकारियों ने छापेमारी की तो उसकी आंखें भी फटी की फटी रह गईं. घटना समस्तीपुर जिले की है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर इलाके में फर्जीवाड़ा करने वालों ने सरकारी रीजनल ऑफिस के समानांतर में ही एक घर में फर्जी रीजनल ऑफिस के दफ्तर को खोल लिया था. इस दफ्तर में जमीन से जुड़े हर वह काम हो रहे थे, जो किसी सरकारी दफ्तर में होते हैं. मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के करीमनगर पंचायत के मोगलचक में एक निजी मकान में इस अवैध समानांतर अंचल कार्यालय का संचालन किया जा रहा था.
एसडीएम विकास पांडे ने की छापेमारी
फर्जी दफ्तर के बारे में सूचना मिली तो एसडीएम विकास पांडे ने छापेमारी की. छापेमारी में टीम को जमीन और अंचल से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. फर्जी रीजनल ऑफिस से करीब 10 बोरियों में बंद शुद्धि पत्र, हल्का से संबंधित दाखिल खारिज, पंजी, खतियान, रजिस्टर टू के दस्तावेज, जमाबंदी पंजी, दाखिल खारिज एवं परिमार्जन के लिए दिए गए आवेदन, कंप्यूटर, प्रिंटर के साथ तकरीबन 25 हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं. वहीं अब इस अवैध रीजनल ऑफिस के सभी आरोपियों के बैंक के खाते को भी खंगाला जा रहा है.
बिचौलियों के बीच मच गया हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार जब टीम ने छापेमारी की तो बिचौलियों के बीच हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि अब इन दस्तावेजों के सत्यापन के लिए मजिस्ट्रेट की देखरेख में जांच कराई जा रही है. वहीं एसडीएम का कहना था कि मोगलचक के निवासी उमेश राय के घर में अवैध समानांतर अंचल कार्यालय संचालित की जाने की शिकायत मिली थी. इस कार्यालय से पूरे अंचल का काम किया जा रहा था.
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