इंदौर में 25 चाट-चौपाटियां, खाने के शौकीनों ने फूड बिजनेस को पहुंचाया 1500 करोड़ पर

मध्य प्रदेश

इंदौर। हाल ही में इंदौर शहर आए सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा था कि इस शहर की अर्थव्यवस्था को यहां का खानपान बहुत मजबूत बना रहा है। जिस गति से यहां खानपान की दुकानें और नए-नए ठीये बन रहे हैं, वे इस बात का प्रमाण है कि यहां के स्वाद का कारोबार कितना जबरदस्त है।

शेफ सोखी की यह बात बेबुनियाद नहीं और यही वजह रही कि उन्होंने भी अपना रेस्टोरेंट शहर में शुरू किया। वाकई में यह एक ऐसा शहर है, जहां इंदौरी स्वाद पर प्रतिवर्ष 1500 करोड़ रुपये खानपान के शौकीन खुशी-खुशी न्यौछावर कर देते हैं।

सराफा, चाट गली और 56 दुकान सबसे फेसम

इंदौर की पहचान देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में तो बाद में बनी। देश के सबसे लजीज व्यंजन वाले शहर के रूप में इसने पहले ही तमगा प्राप्त कर लिया था। सराफा चाट चौपाटी, चाट गली और 56 दुकान तो पहले ही यहां अपनी पैंठ बना चुके थे।

अब तो शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 25 चाट-चौपाटियां बन चुकी हैं। अन्नपूर्णा रोड, मेघदूत गार्डन, स्कीम 78, लिंबोदी, स्कीम 140, महालक्ष्मी नगर, एयरपोर्ट रोड, कनाड़िया रोड सहित कई स्थानों पर कई चौपाटियां खुल गई हैं।

कोरोनाकाल के बाद शहर की फूड इंडस्ट्री में खासा इजाफा हुआ है। यहां न केवल होटल और रेस्टोरेंट की संख्या बढ़ी, बल्कि कई नई चौपाटियां भी तैयार हो गईं और खानपान के पुराने बाजार में भी दुकानों की संख्या बढ़ गई हैं।

कोरोना के बाद 
दोगुना टर्नओवर

56 दुकान एसोसिएशन की अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने बताया कि पहले 56 दुकान बाजार में खाने के अलावा खिलौने, कपड़े, पान की भी दुकानें थी। परंतु खाने की मांग बढ़ने के साथ ही ये दुकानें खत्म होती चलीं गईं। अब बाजार पूरी तरह से खाने के लिए पहचाना जाता है।

उन्होंने कहा कि हर तरह के व्यंजन लोगों की पसंद बन रहे हैं। अब चाय सुट्टा बार, सिगड़ी डोसा जैसे बड़े ब्रांड भी 56 दुकान में आ रहे हैं। वर्तमान में पारंपरिक 56 दुकानों के अलावा करीब 55 आउटलेट रजिस्टर्ड हैं। अलग तरह की दुकानें होने से टर्नओवर का आंकड़ा बताना संभव नहीं है। कोरोना के बाद से बाजार का टर्नओवर करीब दोगुना हुआ।

शहर में 15 प्रतिशत 
बढ़े होटल और रेस्टोरेंट

इंदौर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि शहर में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। शहर के आसपास उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर धार्मिक स्थानों के साथ कई पर्यटन स्थल हैं। यहां जाने के लिए पर्यटक इंदौर में ही रुकना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

सूरी ने कहा, शहर में कोरोना के बाद से होटल और रेस्टोरेंट में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कई बड़े ब्रांड इंदौर में होटल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। शहर में करीब 300 होटल, 2000 छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। इन सभी होटल, रेस्टोरेंट और चौपाटियों पर खानपान से होने वाली आय की बात करें तो यह आंकड़ा करीब 1500 करोड़ सालाना है।

हजारों करोड़ के टर्नओवर से 15 प्रतिशत राजस्व

इंदौर अब खानपान में काफी आगे बढ़ रहा है। यहां की मिठाई, नमकीन के अलावा हर तरह के व्यंजन बहुतायत में चलने लगे हैं। टूरिज्म बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, चौपाटी पर बिजनेस काफी बढ़ गया है। होटल, रेस्टोरेंट, चौपाटी से सालाना हजारों करोड़ का टर्नओवर होता है। इसका करीब 15 प्रतिशत सरकार को राजस्व के रूप में मिलता है। जीएसटी और इनकम टैक्स के जरिये सरकार को कर पहुंचता है। वहीं लोकल प्रबंधन और रजिस्ट्रेशन से नगर निगम को भी फायदा मिलता है। – डॉ. जयंतीलाल भंडारी, अर्थशास्त्री

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