हिमाचल प्रदेश: कुल्लू की मणिकरण घाटी में लैंडस्लाइड, पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गिरा; जान-माल का नुकसान नहीं

हिमांचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू की मणिकरण घाटी में भारी भूस्खलन की घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि भूस्खलन उस समय हुआ, जब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा गिर गया. घटना में किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. पहाड़ी से बड़ा हिस्सा गिरने के बाद मणिकरण घाटी के बडोगी नाले में अचानक बाढ़ आ गई. इस दौरान तीन-चार पुल बह गए और ग्रामीणों का संपर्क टूट गया.

बता दें कि कुल्लू जिले में बीते एक सप्ताह से मौसम काफी खराब है. जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटना सामने आ रही है. भारी बारिश के चलते कुल्लू के नदी-नाले भी उफान पर आ गए हैं. ऐसे में कुल्लू में 24 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं. आज मणिकरण घाटी के बढ़ोगी गांव में बादल फट गया. साथ ही लैंडस्लाइड भी हुई. फ्लैश फ्लड से वाहनों और बाग-बगीचों को नुकसान हुआ है. हालांकि जनहानि की कोई खबर नहीं है.

हिमाचल प्रदेश में 496 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. गुरुवार को शिमला के रामपुर में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई थी. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन के कारण तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 496 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के दर्शल में बुधवार देर रात बादल फटने से टेकलेच बाजार में अचानक बाढ़ आ गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, क्योंकि खतरे को देखते हुए आसपास के घरों को खाली करा लिया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 21, पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या पांच) और औट-सैंज मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 305) समेत कुल 496 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, बीते गुरुवार को मंडी जिले में 278 सड़कें अवरुद्ध थीं, जबकि निकटवर्ती कुल्लू जिले में 118 सड़कें बंद थीं.

अब तक 108 लोगों की मौत

मौसम विभाग ने गुरुवार को ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में रविवार को और ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में सोमवार को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था. राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश जारी रही. इस मानसून में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में लगभग 108 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग लापता हैं.

हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से प्रदेश को कुल 1,905 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. राज्य में अब तक 58 बार अचानक बाढ़, 28 बार बादल फटने और 51 बड़े भूस्खलन की घटनायें हो चुकी हैं.

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