सबरीमाला मंदिर के खजाने में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी, चंदा नहीं… फिर कहां से आया सबसे ज्यादा पैसा?

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मंडल काल की शुरुआत के बाद से केरल के सबरीमाला मंदिर के आय में भारी वृद्धि हुई है. पिछले साल के आय की तुलना में इस साल 22.76 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. त्रावणकोर देवासम बोर्ड के अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने बताया कि 14 दिसंबर तक 22 लाख अयप्पा भक्तों ने सबरीमाला मंदिर के दर्शन किए. इस साल मंदिर में 163.89 करोड़ रुपये का कुल राजस्व आया है. आइयें जानते है कहां से कितना मंदिर को चंदा मिला?

अरावना (प्रसाद) की बिक्री से 82.67 करोड़ रुपये और समान की विक्री के रूप में 52.27 करोड़ रुपये मंदिर कमेटी को प्राप्त हुए.अरावना की बिक्री से राजस्व पिछले साल के 65.26 करोड़ रुपये से 17.41 करोड़ रुपये बढ़ गया है, जबकि पिछले साल के मुकाबले समान के विक्री के पैसों में 8.35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई हैं. आंकड़ों के मुताबिक, इस साल में अब तक 22,67,956 तीर्थयात्री सबरीमाला के दर्शन कर चुके हैं. जिससे मंदिर को कुल 163.89 करोड़ का राजस्व मिला है.

KSRTC ने शुरू की बस सेवाएं

TDB के अध्यक्ष ने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं और वह देवस्वोम बोर्ड के साथ सहयोग करने के लिए पुलिस सहित सभी विभागों के आभारी हैं. सबरीमाला में पिछले दो दिनों से मौसम अपेक्षाकृत अच्छा रहा है. रविवार को छुट्टी होने के बावजूद श्रद्धालु बिना किसी भीड़ के दर्शन कर सके. तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए केएसआरटीसी ने और भी बस सेवाएं शुरू की हैं.

फास्टैग वालों को मिलेगी पार्किंग सुविधा

केएसआरटीसी की बस सेवा के लिए तीर्थ यात्री ऑनलाइन टिकट भी खरीद सकते है. बताया जा रहा है कि लाइन लगकर दर्शन करने की बुकिंग कराने वालों को ही मंदिर में प्रवेश मिलेगी. ऑनलाइन बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है. जनवरी तक कोई अन्य स्लॉट दर्शन के लिए उपलब्ध नहीं है. गाड़ियों की पार्किंग में भी कुछ बदलाव किए गए हैं. फास्ट टैग वाली गाड़ियों के लिए पंपा में पार्किंग की अनुमति दी जाएगी, लेकिन बिना फास्टैग वालों के लिए पार्किंग बंद रहेगी.

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