शिकायत के बाद ट्रेन में वेंडरों ने की थी यात्री की पिटाई, अब जबलपुर मंडल ने की एक्शन की डिमांड

मध्य प्रदेश

जबलपुर से चलकर वेरावल जाने बाली 11463 सोमनाथ एक्सप्रेस में हुई एक शर्मनाक घटना ने भारतीय रेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रेल यात्री द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिकायत करना इतना महंगा पड़ा कि उसे ट्रेन में ही अवैध वेंडरों की गुंडागर्दी का शिकार बनना पड़ा. घटना वडोदरा रेल मंडल के अंतर्गत रतलाम और वडोदरा के बीच की बताई जा रही है. फिलहाल पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल के द्वारा वडोदरा रेलवे मंडल को पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा गया है.

दरअसल मामला तब शुरू हुआ जब एक यात्री ने X पर अपने पीएनआर नम्बर के साथ रेल मंत्री को टैग करते हुए खाने की खराब क्वालिटी और पानी की बोतल पर की जा रही ओवरचार्जिंग की शिकायत की. यात्री ने साफ लिखा कि वेंडर तय दाम से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं. खानपान की गुणवत्ता भी बेहद खराब है. कुछ समय बाद जब यात्री अपनी सीट पर बैठा था तभी एक जैसे कपड़े पहने तीन से चार वेंडर वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत के यात्री के साथ मारपीट शुरू कर दी. तभी ट्रेन में अन्य मौजूद यात्रियों ने इसका वीडियो बना लिया.

एक्स पर हुआ वायरल

इस हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें साफ देखा जा सकता है कि सभी हमलावर वेंडर एक सी यूनिफॉर्म में हैं और बिना डरे यात्री की पिटाई कर रहे हैं. वीडियो को महिला दिव्या गौरव त्रिपाठी नामक यूजर ने X पर शेयर करते हुए लिखा कि @RailwaySeva वालों ने अपने गुंडों से यात्रियों को पिटवा दिया. @AshwiniVaishnaw जी ने रेलवे की मटिया पलीत कर दी है. उन्होंने रेलवे मंत्रालय से पूछा कि क्या वीडियो में दिख रहे गुंडों पर कोई कार्रवाई की गई है या नहीं.

वेंडरों के खिलाफ होगी कार्रवाई

घटना सामने आने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के जबलपुर मंडल के द्वारा और IRCTC ने तुरंत वडोदरा मंडल को पत्र लिखकर संबंधित वेंडरों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है. रेलवे के मुताबिक वेंडरों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और आगे की जांच भी जारी है. इस घटना ने रेलवे में व्याप्त भ्रष्टाचार, खासकर खानपान से जुड़े वेंडरों की मनमानी और अधिकारियों की निष्क्रियता को उजागर किया है. यदि एक साधारण यात्री शिकायत नहीं कर सकता तो फिर रेलवे में पारदर्शिता की उम्मीद कैसे की जा सकती है.

सुरक्षा पर उठे सवाल

अब सवाल सिर्फ वेंडरों की गिरफ्तारी का नहीं है बल्कि रेलवे की जवाबदेही का है. यदि रेल मंत्री से शिकायत करना ही यात्री की सुरक्षा खतरे में डालता है तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है. सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है और सभी यही मांग कर रहे हैं कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए ताकि भविष्य में कोई भी यात्री शिकायत करने से डरे नहीं. बल्कि अपने अधिकारों का उपयोग करने में सक्षम हो.

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