‘शरीर पर टैटू है तुम्हारे, करनी होगी बॉडी स्कैन’ वीडियो कॉल पर उतरवाए कपड़े, 16 लाख ठगे; 45 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहने वाली महिला की कहानी

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के जौनपुर के शाहगंज में एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे लाखों रुपये ठगों ने ट्रांसफर करा लिए. यही नहीं ठगों ने महिला से वीडियो कॉल पर उनके सभी कपड़े तक उतरवा दिए. ठगों ने महिला को ठगी के बाद जांच के नाम पर उनसे बॉडी स्कैन करने के लिए कहा था. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है, जो एक गैंग से जुड़ा हुआ था.

ये मामला पिछले साल शुरू हुआ था, जब महिला के पास एक युवती का कॉल आया और उसने अपने आप को ब्लू डॉट कोरियर कंपनी से बताया. उसने महिला से कहा कि आपके नाम से एक कोरियर है, जिसमें नशीली दवा है. महिला पर आरोप लगाते हुए मुंबई पुलिस को कॉल ट्रांसफर करने की बात कही गई. महिला का आधार कार्ड नंबर इन ठगों के पास पहले से ही मौजूद था.

दो महीने तक महिला को धमकाया

महिला को 24 दिसंबर 2024 को कॉल आई थी. तब से शुरू होकर ठगों का ये गेम 9 फरवरी 2025 तक चला, जिसमें उन्होंने पहले महिला को डिजिटल अरेस्ट किया और फिर मुंबई पुलिस, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट, नारकोटिक्स ब्यूरो, ईडी का कहकर महिला को डराया गया. लगभग 45 दिन तक महिला को धमकाया गया. कई दिन तक तो महिला को स्काइप पर ऑनलाइन रहने के लिए कहा गया.

वीडियो कॉल पर उतरवाए कपड़े

इस दौरान ठगों ने महिला से 16 लाख रुपये से भी ज्यादा अलग-अलग बैंक अकाउंट में अलग-अलग समय पर ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद आखिर में महिला पर उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शरीर पर एक टैटू है, जिसकी जांच करने के लिए उन्होंने महिला की बॉडी स्कैन करने के लिए उनसे कहा और वीडियो कॉल पर उन्हें निर्वस्त्र करा दिया गया.

एक आरोपी को किया गिरफ्तार

जब महिला को डिजिटल अरेस्ट होने के बारे में पता चला तो उन्होंने आगरा के साइबर क्राइम थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया और पूरा मामला बताया. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और एक आरोपी को राजस्थान के सीकर के खाटू श्याम से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला से जिन बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए गए थे. उन अकाउंट्स से एटीएम और बैंक जाकर पैसे निकाले भी गए थे.

कमीशन एजेंट निकला आरोपी

पुलिस ने सीकर से रविंद्र प्रसाद वर्मा नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. उसने बताया कि वह विजय मीणा के लिए काम करता है और खुद एक कमीशन एजेंट है. जब बैंक और एटीएम से पैसा निकाला गया. उस दौरान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए थे. उसी आधार पर रविंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि उसका कहना है कि वह सिर्फ पैसे निकालने के लिए ही गया था. उसे ठगी की जानकारी नहीं है. इसकी जानकारी विजय मीणा और उसके साथी दे सकते हैं. अब पुलिस विजय मीणा और बाकी आरोपियों की तलाश में जुट गई है.

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