जिंदगी न मिलेगी दोबारा… हरियाणा के यमुनानगर के कोट माजरी में 75 साल के शेर सिंह ने इस कहावत को झूठा साबित कर दिया. क्योंकि शेर सिंह को दोबारा से जिंदगी मिली. दरअसल, शेर सिंह को शमशान ले जाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी. अर्थी भी सज चुकी थी और चिता के लिए लकड़ियां भी शमशान में पहुंच गई थीं. लेकिन तभी अचानक से शेर सिंह ने अपनी आंखें खोल ली. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन घंटे बाद फिर से शेर सिंह ने दम तोड़ दिया.
यमुनानगर के कोट माजरी में 75 साल के शेर सिंह को दोबारा से जिंदगी मिली और कुछ समय अपनों के बीच रहने के बाद फिर से शेर सिंह ने दम तोड़ दिया. शेर सिंह यमुनानगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती थे. डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए यह कह दिया कि वह कुछ ही पल के मेहमान हैं. डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि आप इन्हें घर ले जाइए और इनकी जितनी हो सकती है, सेवा करें.
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