वायरल वीडियो के बाद एक्शन, पुणे के कैफे गुडलक पर क्यों लगा ताला?

देश

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुणे के एफसी रोड पर स्थित सबसे प्रसिद्ध कैफे ‘कैफे गुडलक’ की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वायरल वीडियो में दिखाया गया कि कैफे के लोकप्रिय बन मस्का में कांच के टुकड़े पाए गए. जिसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कैफे का निरीक्षण किया और खाद्य लाइसेंस रद्द कर दिया. उन्होंने दावा किया कि कैफे में खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है.

यह कार्रवाई कैफे गुडलक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई जिसमें कैफे के लोकप्रिय बन मस्का में कांच के टुकड़े होने का दावा किया गया. एफडीए के अधिकारियों ने बताया कि कैफे के खिलाफ अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है.

स्वच्छता नहीं होने पर की गई कार्रवाई

एफडीए के अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त स्वच्छता नहीं होने के कारण पुणे के प्रसिद्ध भोजनालय ‘कैफे गुडलक’ का लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. एफडीए के संयुक्त आयुक्त सुरेश अन्नापुरे ने कहा कि वायरल वीडियो के बाद कैफे का निरीक्षण किया गया और इस दौरान कैफे में पर्याप्त स्वच्छता नहीं पाई गई. उन्होंने कहा कि अगले आदेश तक एफडीए ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है.

मस्का बन में मिले कांच के टुकड़े

अधिकारी ने बताया कि एफडीए ने एक खाद्य पदार्थ में कांच के टुकड़े होने की खबर को संज्ञान लेते हुए रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया. दरअसल, यह घटना तब सामने आई जब एक कपल ने दावा कि कैफे गुडलक में परोसे गए बन मस्का में उन्हें कांच के टुकड़े मिले हैं. उन्होंने कांच वाले बन मस्का का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

निरीक्षण करने पर पाई गई कई खामियां

एफडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कैफे का निरीक्षण करने पर उन्हें कई खामियां दिखाई दी. उन्होंने बताया कि कैफे में कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और पानी की जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. ताकि यह प्रमाणित हो सके कि यह जगह खाने के लिए सुरक्षित है. उन्होंने बताया कि कैफे की रसोई की टाइलें टूटी हुई थीं. वहां का कूड़ेदान पानी से भरा हुआ था और खुला पड़ा था. उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, खाना रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रिज भी काफी गंदा था.

कब तक रहेगा कैफे का संचालन बंद

एफडीए अधिकारी अन्नापुरे ने बताया कि उन्होंने बन मस्का के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं. उन्होंने कहा कि जब हमारी टीम ने इस कैफे का निरीक्षण किया तो एफडीए के मानदंडों के कई उल्लंघन पाए गए. अन्नापुरे ने बताया कि जब तक कैफे इन कमियों पर ध्यान देकर इसे दूर नहीं करता, तब तक कैफे का संचालन बंद रहेगा. उन्होंने बताया कि एफडीए ने यह आदेश निरीक्षण करने के बाद जारी किया है.

क्या कहता है एफडीए का नियम

एफडीए के नियम कहता है कि किसी भी होटल और रेस्टोरेंट्स की रसोई में स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य होता है. इसके साथ ही होटल या रेस्टोरेंट्स में काम करने वाले कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच, साफ बर्तनों का इस्तेमाल और खाना पकाने के लिए स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. कर्मचारियों को खाना बनाते वक्त या परोसते वक्त अपनों बालों को ढकना अनिवार्य होता है.

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