राजस्थान के डूंगरपुर में ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची गई. असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर लोहे का सरिया रख दिया. लेकिन कोई हादसा होता, इससे पहले सामने से आ रही ट्रेन के लोको पायलट की की नजर पड़ गई. उसने तत्काल ट्रेन को रोक दिया. सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया है.
असारवा से जयपुर वाया उदयपुर चलने वाली ट्रेन, जिसे उदयपुर और डूंगरपुर के बीच रविवार रात 11:30 बजे के करीब डिरेल करने की कोशिश की गई. डूंगरपुर के ऋषभदेव के पास ट्रेन पहुंची, तभी ट्रैक पर लोको पायलट की नजर पड़ी. वहां पर लोहे के सरिये पड़े हुए थे.
ट्रेन की इंजन में फंस गए थे सरिए
ट्रेन की गति ज्यादा था, ड्राइवर ने ट्रेन को रोकने के लिए ब्रेक लगाई, लेकिन ट्रेन थोड़ी आगे बढ़ गई. कुछ सरिए ट्रेन की इंजन में भी फंस गए थे. हालांकि इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं हुआ. करीब 25 मिनट के बाद ट्रेन को फिर से उदयपुर के लिए रवाना किया गया. वहीं, अब डूंगरपुर की सदर थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है. जीआरपी के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं.
इससे पहले भी इसी ट्रैक पर ब्रिज को ब्लास्ट से उड़ाने की साजिश सामने आई थी. पुलिस ने इस मामले में कुछ युवकों को गिरफ्तार किया था. 12 नवंबर 2022 को ओडा ब्रिज को उड़ाने की साजिश की गई थी और धमाके भी डेटोनेटर से किए गए थे. इससे पटरियां क्रैक कर गई थीं, गनीमत रही थी कि सुबह जब कुछ युवाओं ने पटरी पर क्रैक को देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद उदयपुर आ रही ट्रेन को रास्ते में ही रोक दिया था.
इससे पहले यूपी के गोंडा जिले में गुरुवार को बड़ा रेल हादसा हुआ. डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) के करीब 10 डिब्बे बेपटरी हो गए. इस हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई थी. वहीं 30 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे.
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