भाजपा के पिट्ठू की तरह न करें काम… जीतू पटवारी की चुनाव आयोग से अपील, सीएम मोहन यादव पर भी कसा तंज

मध्य प्रदेश

भोपाल। प्रदेश में विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान के बाद अब 20 नवंबर को मतगणना होने वाली है। इससे पूर्व रविवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उपचुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से लोकतंत्र की रक्षा करने की अपील की है।

रावत के रिश्तेदारों को चुनाव ड्यूटी से हटाएं

जीतू ने रविवार सुबह मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि विजयपुर को लेकर चुनाव के पहले जिस तरह की शिकायत से की गई थी. उसी तरह की परिस्थितियों चुनाव के दौरान देखने को मिली। चुनाव के दौरान भी हिंसा हुई और चुनाव के बाद भी हिंसा जारी है। अब मतगणना के लिए भी वनमंत्री व भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने अपने 40 से अधिक रिश्तेदार अधिकारियों को प्रक्रिया में शामिल कराया है। यह नियम विरुद्ध है।

हमने प्रदेश के निर्वाचन आयोग को शिकायत की है और कल केंद्रीय चुनाव आयोग को भी शिकायत करेंगे। हमारा निर्वाचन आयोग से आग्रह है कि वह भाजपा के तोता या पिट्ठू की तरह काम ना करें। जिन रिश्तेदारों को ड्यूटी में लगाया है उन्हें हटाए।

निर्वाचन आयोग की शैली पर सवाल

पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि यह उपचुनाव कांग्रेस ने बहुत अच्छे से लड़ा है। हम 100 प्रतिशत जीतेंगे। हालांकि कई तरीके से संविधान को ताक पर रखकर व्यवस्था और प्रशासन ने चुनाव में अपनी भूमिका निभाई और भाजपा के पक्ष में काम किया है। इसकी हमने समय-समय पर शिकायत की, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे संज्ञान में नहीं लिया। हमने पुनर्मतदान की मांग की थी। जिस पर निर्वाचन आयोग ने गलत तथ्यों को रखा, जिसकी भी हम निंदा करते हैं। निर्वाचन आयोग से मेरा आग्रह है लोकतंत्र के नाश में सहयोगी न बने, लोकतंत्र की रक्षा करें।

तबादलों का अड्डा बना प्रदेश

कांग्रेस प्रदेशाध्क्ष पटवारी ने इस दौरान मोहन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘ आज वल्लभ भवन (सचिवालय) दलालों का अड्डा बन गया है। मध्य प्रदेश में हर तीसरे दिन अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने के बाद 68 बार अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। इतने बड़े स्तर पर तबादले होना यह बताता है कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग की फैक्ट्री चल रही है।

दिन में तबादले पोस्टिंग के रेट तय होते हैं और देर रात इसकी सूची जारी होती है। पिछले महीने के दौरान जितने भी आईएएस-आईपीएस की तबादला सूची जारी हुई, वह सभी देर रात ही हुई थी। लगातार अधिकारियों के तबादले होना यह भी बताता है कि मुख्यमंत्री की प्रशासनिक क्षमता कमजोर है। तबादलों का ये धंधा दिल्ली के हस्तक्षेप से चल रहा है।’

इन्वेस्टर समिट पर भी सवाल

जीतू पटवारी सीएम मोहन यादव द्वारा की जा रहीं इन्वेस्टर्स समिट को लेकर भी तंज कसा और बोले कि इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए बहाने मुख्यमंत्री अब विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। लंदन में जाकर वह उद्योगपतियों को धार्मिक भाषण ही देंगे। वहां भी उज्जैन के प्राचीन काल, राम और लक्ष्मण की बात करेंगे। इन्वेस्टर समिट के नाम पर मध्य प्रदेश में कितना निवेश हुआ, कितने उद्योग स्थापित हुए और कितने लोगों को रोजगार मिला, इसकी जानकारी सरकार को जनता के सामने रखनी चाहिए।

घुसपैठियों की बात पर मोदी-शाह को घेरा

जीतू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि सीमा से घुसपैठिए आ गए हैं। अगर ऐसा है, तो यह उनके गृह मंत्री अमित शाह की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दस साल से उनका गृह मंत्री है। शाह खुद गृह मंत्री हैं। सेना सीमा पर है, सीआरपीएफ सीमा पर है। इनका कमांड उनके पास है। इसके बावजूद यदि घुसपैठिये हैं, तो इसके लिए दोषी मोदी और शाह हैं।

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