बिहार में बड़ा एक्शन: पूर्व विधायक अनंत सिंह गिरफ्तार, दुलारचंद यादव हत्याकांड में नामजद थे बाहुबली नेता

बिहार

मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने पूर्व विधायक और एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह को अरेस्ट कर लिया है. बता दें कि पटना एसएसपी की टीम ने बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट पहुंचकर अनंत सिंह को हिरासत में लिया है. अब उन्हें बाढ़ से पटना लेकर जाया जा रहा है.

हालांकि पहले बताया जा रहा था कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी अनंत सिंह पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं. इसी सूचना के बाद पटना एसएसपी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम अनंत सिंह के घर पहुंची थी.

अनंत सिंह पर पहले कार्रवाई करते तो बेहतर होता

दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा से जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर जन सुराज पार्टी के मोकामा से उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने एएनआई से टेलीफोन पर बातचीत में कहा, यह एक अच्छा कदम है, लेकिन अगर वे पहले कार्रवाई करते तो बेहतर होता. अनंत सिंह शनिवार को 50 वाहनों के काफिले में घूम रहे थे और चुनाव प्रचार में भी शामिल हुए. जब ​​उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, तो उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था. लेकिन देर आए दुरुस्त आए. अब महत्वपूर्ण यह है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कैसे करती है. यह उनके परिवार के लिए राहत की बात है.

Bihar Chunav

अनंत सिंह समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा, 30 अक्टूबर को दो प्रत्याशियों के गुटों में झड़प हो गई थी. जिसके बाद पथराव हुआ, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद एक शव बरामद किया गया. मृतक की पहचान दुलारचंद यादव (75) के तौर पर की गई, जो उसी गांव के निवासी थे, जहां यह झड़प हुई थी. दोनों पक्षों ने मामला दर्ज कराया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ऐसा लगता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया और यह एक गंभीर मामला है.

साथ ही जांच में यह भी पाया गया कि यह सब प्रत्याशी अनंत सिंह की मौजूदगी में हुआ, जो इस मामले में मुख्य आरोपी भी हैं. अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी उनके साथ गिरफ्तार किया गया है. तीनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और उचित जांच की जाएगी.

एसएसपी ने कहा, हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी. सीआईडी ​​ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है. दोनों समूहों के लोगों को पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि हत्या के तीनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया है. उन्हें गिरफ्तार किया गया है.

हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध

पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई घटना को जिला प्रशासन और पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया है. हमने मामले में कई कार्रवाई की है. आदर्श आचार संहिता पूरी चुनाव प्रक्रिया का एक मजबूत स्तंभ है. चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अगर कोई असामाजिक तत्व कानून या आदर्श आचार संहिता के खिलाफ जाने की कोशिश करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने कहा कि हमने 100% हथियार जमा कराने के निर्देश दिए हैं. सभी वैध हथियार जल्द ही जमा करा दिए जाएंगे. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक चेकिंग प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए गए हैं. सीएपीएफ भी जांच करेगी. सबसे ज्यादा जब्ती पटना से हुई है. पर्याप्त सीएपीएफ जवानों को तैनात किया गया है. वे पुलिस और मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं. अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए छापेमारी की जा रही है.

EC ने पटना एसपी ग्रामीण पर की कार्रवाई

इससे पहले निर्वाचन आयोग (EC) ने बिहार के मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को पटना के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) का ट्रांसफर और तीन अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया. इस हिंसा में गैंगस्टर से नेता बने दुलार चंद यादव की मौत हो गई थी.

सीआईडी कर रही हत्याकांड की जांच

दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं बिहार पुलिस की सीआईडी ने इस हत्याकांड की जांच का जिम्मा संभाल लिया है. सीआईडी डीआईजी जयंतकांत ने खुद घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की.

एफएसएल टीम ने जुटाए अहम सबूत

जांच के दौरान बसावन चक के घटनास्थल से एफएसएल टीम ने कई अहम सबूत जुटाए. वहीं जो गाड़ियां घटना के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थीं, उनसे भी साक्ष्य इकट्ठा किए गए. साथ ही पत्थरों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनसे अनंत सिंह के काफिले पर हमला हुआ था. इसमें खास बात यह है कि इन पत्थरों का इस्तेमाल रेलवे ट्रैक पर होता है और आमतौर पर ये मोकामा टाल में नहीं पाए जाते हैं. ऐसे में पुलिस को इस घटना की पहले से प्लानिंग की आशंका है.

चुनाव आयोग ने तलब की रिपोर्ट

चुनाव आयोग ने बिहार डीजीपी से मोकामा में हत्याकांड पर रिपोर्ट मांगी. वहीं हत्या के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. वहीं आरजेडी उम्मीदवार वीणा देवी की कार पर भी शुक्रवार को पथराव किया गया. चुनाव आयोग ने कहा कि डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. बता दें कि बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है, जबकि 14 नवंबर को नतीजे आएंगे.

दुलार चंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

दुलार चंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हृदय और फेफड़ों में चोट लगने के बाद हृदय गति रुकने से उनकी मौत हुई. दुलार चंद यादव राजनेता भी थे.पटना पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया, उनकी मौत का कारण हृदय और फेफड़ों में किसी कठोर और कुंद पदार्थ से लगी चोट के कारण हृदय गति रुकना है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि दुलार चंद यादव को टखने के पास गोली मारी गई थी लेकिन गोली का घाव उनकी मौत का कारण नहीं था.

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