बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के खिलाफ एक हिंदू संगठन की तरफ से बुलाए गए बंद के दौरान शुक्रवार को उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव और नासिक शहर में उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया, जब दो समूहों में झड़प हुई और पथराव किया गया. वहीं, स्थिति नियंत्रित करने के दौरान छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए.
जानकारी के मुताबिक यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब हिंसक हो गया, जब भद्रकाली इलाके में दुकानें बंद कराने को लेकर कुछ दुकानदारों की प्रदर्शन कर रहे युवाओं से झड़प हो गई. इस दौरान दोनों तरफ से पथराव किया गया. साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े.
विवादित बयान से कई शहरों में तनाव
वहीं नासिक से पहले छत्रपति संभाजीनगर और अहमदनगर में मुस्लिम समुदाय ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था. यहां मुस्लिम समाज ने नासिक के पंचाले गांव में महंत रामगिरि महाराज पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महंत रामगिरि महाराज को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल में डालने की मांग को लेकर छत्रपति संभाजी नगर औरंगाबाद में अलग-अलग ठिकानों पर लोगों ने जमा होकर प्रदर्शन किया.
पूर्व सांसद ने लगाया साजिश का आरोप
इस मामले पर पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि चुनाव को देखते हुए यह पूरी साजिश रची जा रही है. ताकि मुसलमान में रोष पैदा हो और लोग रास्तों पर उतरें. उन्होंने कहा कि हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कोई अपशब्द का इस्तेमाल करे. जल्द से जल्द इस मामले पर कार्रवाई होना चाहिए.
उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस
नासिक के पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के छह गोले और रबर की एक गोली चलाई गई. इससे करीब छह पुलिसकर्मी घायल हो गए. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के जवानों सहित पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में जुटी है.
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