बड़े खतरे की घंटी! Delhi को भी छोड़ दिया पीछे, Alert रहे लोग…

पंजाब

चंडीगढ़: देश का सबसे प्रदूषित शहर बनने से चंडीगढ़ अब सिर्फ एक कदम पीछे है। पिछले 6 दिनों से बिगड़ती शहर की आबोहवा मंगलवार को इतनी खराब रही कि चंडीगढ़ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। दीवाली के बाद आम तौर पर दिल्ली, नोएडा, मेरठ या उत्तर भारत के दूसरे शहर सबसे प्रदूषित शहरों की वजह से चर्चा में होते थे।

इस बार पहली बार अप्रत्याशित तौर पर प्रदूषण ने चंडीगढ़ को इस इस तरह से घेरा है कि पिछले पांच दिनों से देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची से चंडीगढ़ बाहर नहीं निकल पा रहा है। प्रदूषण से राहत मिलने की जगह हालत यह हो गए हैं कि पिछले 5 दिनों से चंडीगढ़ देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आगे बढ़ता हुआ अब नंबर-दो का बन गया है। मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडैक्स (ए.क्यू.आई.) 343 था, जो पिछले 5 दिनों में सबसे खराब है। अभी तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 340 से नीचे था। मंगलवार शाम देश के 261 शहरों के प्रदूषण का स्तर रिलीज हुआ तो चंडीगढ़ समेत देश के 4 ही शहर सबसे प्रदूषित थे और सिर्फ हाजीपुर ही चंडीगढ़ से आगे था। दिल्ली का ए.क्यू.आई भी चंडीगढ़ से कम 334 था। इस बीच नगर निगम ने कुछ जगहों पर पानी का छिड़काव भी किया लेकिन उससे कोई राहत नहीं मिली है।

चंडीगढ़ को पहली दफा इस तरह के प्रदूषण का सामना करना पड़ा है। हर साल पराली या दूसरे तरह के प्रदूषण के बाद भी ऐसे हालात कभी नहीं बने थे। मुख्य वजह इन लंबे समय से बारिश न होने के साथ 3 से 10 किलोमीटर की बेहद धीमी रफ्तार से हवाओं का चलना है। इस वजह से वायुमंडल में ठंडी हवा का एक कंबल सा बिछ गया है और उसके नीचे धरती के गर्म तापमान की वजह से हवा में प्रदूषण के कण एक जगह स्थिर हो गए हैं। दिन में प्रदूषण का स्तर तापमान में गर्मी आने से कम होता हैलेकिन दोपहर तीन बजे के बाद तापमान में गिरावट शुरू होते ही ज्यादा ऊपर रहने वाले प्रदूषण के पार्टिकल हवा में नमी की वजह से नीचे आने लगते हैं। यही वजह है कि शाम ढलने के बाद हवा में जैसे ही नमी बढ़ने लगती है तो प्रदूषित पार्टिकल नीचे आकर रात भर शहर में प्रदूषण के स्तर को बहुत ज्यादा खराब बिगाड़ रहा है।

तेज हवा चलेगी तभी मिलेगी प्रदूषण से राहत
मौसम विशेपझें और पर्यावरणविदों कीन जर में अबइस खराब हालत से बारिश होने पर ही मिलेगी लेकिन अगले 10 दिनों में भी बारिश की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में 25 से 35 किलोमीटर की गति से हवा चलती है तो ही ये प्रदूषण आगे निकल सकता है। फिलहाल, 4 दिनों तक हवा चलने वाला सिस्टम भी बनता नहीं दिख रहा।

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