पहले आपातकाल पर घेरा, फिर खुद को बताया केरल का लोकप्रिय सीएम उम्मीदवार, कांग्रेस में खलबली मचा रहे शशि थरूर

देश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस समय सुर्खियों में बने हुए हैं. हाल ही में थरूर ने इमरजेंसी को लेकर एक लेख लिखा. उन्होंने अपने इस आर्टिकल में इमरजेंसी की जमकर आलोचना की. इसी बीच थरूर ने अब एक ऐसा पोस्ट अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर किया है, जिसमें उन्हें आगामी केरल विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के उम्मीदवारों के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया.

एक तरफ इस सर्वे के सामने आने के बाद से और दूसरी तरफ इस सर्वे के कांग्रेस सांसद के खुद शेयर करने से कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है.

शशि थरूर ने सर्वे किया शेयर

एटी वोट वाइब (AT Vote Vibe) नामक एजेंसी ने यह सर्वे किया है. 1000 से ज्यादा व्यक्तियों से बातचीत करके यह सर्वे तैयार किया गया है. जनमत सर्वे में दावा किया गया कि यूडीएफ के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में थरूर 28.3% समर्थन के साथ सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं.

सर्वे में 27% लोगों ने कहा कि वो किसी एक का नाम नहीं बता सकते, जबकि विपक्ष के नेता वीडी सतीशन 15.4% समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रहे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला 8.2% वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल सिर्फ 4.2% लोगों की पसंद रहे.

 

इमरजेंसी को लेकर पार्टी को घेरा

यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी और शशि थरूर के बीच तनातनी चल रही है. शशि थरूर तभी से सुर्खियों में बने हुए हैं जब वो हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने थे. इस बैठक के दौरान उनके ऐसे कई बयान सामने आए जिन पर उन्हीं की पार्टी के नेताओं ने पलटवार किया. इसी के बाद थरूर ने 9 जुलाई को इमरजेंसी को लेकर आर्टिकल लिखा. थरूर ने इस लेख में इमरजेंसी की जमकर आलोचना की और साथ ही नसबंदी को लेकर भी निशाना साधा.

कांग्रेस ने साधा निशाना

थरूर को सीएम पद के लिए लोकप्रिय उम्मीदवार बताने वाले सर्वे को लेकर कांग्रेस के नेता सतीशन ने कहा, रोजाना ऐसे कई सर्वे सामने आ रहे हैं. यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश ने कहा, हर कोई सर्वे कर रहा है. कुछ लोग जानबूझकर (मीडिया के सामने) चर्चा का विषय बनने के लिए ऐसे सर्वे करवा रहे हैं. ऐसे सर्वे की कोई जरूरत नहीं है. हम ऐसे मामलों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेंगे.

पूर्व सांसद के. मुरलीधरन, जो पहले भी कई बार थरूर पर निशाना साध चुके हैं, उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम के सांसद को साफ करना चाहिए कि वो किस पार्टी से हैं. उन्होंने कहा, ये बेवजह के विवाद हैं. हमारा ध्यान आगे चुनाव जीतने पर है.

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