लुधियाना: साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। हालांकि पुलिस समय-समय पर कैंप या सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक कर रही है लेकिन फिर भी डर या लालच के कारण लोग ठगों के झांसे में आ ही जाते हैं। ऐसा ही एक मामले में रिटायर्ड लैफ्टिनैंट कर्नल को साइबर ठगों ने शिकार बना लिया। सी.बी.आई. अधिकारी बनकर ठगों ने पहले मनी लांड्रिंग केस का डर दिखाया, फिर डिजिटल अरैस्ट का झांसा देकर 35.30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पैसे देने के बाद रिटायर्ड अधिकारी को पता चला कि वह ठगा जा चुका है जिसके बाद उसने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी। फिर थाना साइबर क्राइम की पुलिस ने रिटायर्ड लैफ्टिनैंट कर्नल परोपकार सिंह की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में परोपकार सिंह ने बताया कि उसने कॉल आई थी। कॉल करने वाला खुद को सी.बी.आई. का अधिकारी बता रहा था। उसने कहा कि एक प्राइवेट एयरलाइन से जुड़े मनी लांड्रिंग के लिए मुंबई स्थित बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ है जिसमें उसके प्रूफ इस्तेमाल किए गए हैं इसलिए उस पर केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने उन्हें फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजे और किसी को भी मामले का खुलासा न करने की चेतावनी दी। इसके साथ ही आरोपियों ने एक वीडियो कॉल कर धमकाया भी और ऐसा जताया कि वे सी.बी.आई. कार्यालय में बैठे हुए हैं। आरोपियों ने कहा कि वे डिजिटल अरैस्ट करेंगे और उसके लिए पैसे ट्रांसफर करने पड़ेंगे। ठगों ने कहा कि उनके लेन-देन की फॉरैंसिक जांच के लिए पैसे की जरूरत है और 72 घंटे के भीतर पैसे वापस कर दिए जाएंगे। जब उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वहीं इस मामले में एस.एच.ओ. जतिंद्र सिंह थाना साइबर क्राइम का कहना है कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद केस दर्ज कर लिया है। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उनको खंगाला जा रहा है। जल्द आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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