पंजाब बजट सत्र के दौरान गर्माया माहौल, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने किया वॉकआउट

पंजाब

 पंजाब सरकार का बजट सत्र आज शुक्रवार सुबह 11 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ। बजट सत्र की कार्यवाही पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के भाषण के साथ शुरू हुई। जैसे ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया, विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल ने जैसे ही शिक्षा पर बोलना शुरू किया, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खड़े होकर उनका कड़ा विरोध किया। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। बता दें कि इस दौरान प्रताप बाजवा गले में तख्ती और हाथों मे काली पट्टियां बांध रखी थी।

इस बीच, कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों ने जय जवान, जय किसान के नारे लगाए। इस दौरान प्रताप बाजवा ने किसानो आंदोलन के बीच पुलिस की कार्रवाई और पटियाला राजिंदरा अस्पताल के बाहर भारतीय सेना के कर्नल व उसके बेटे से मारपीट का मुद्दा उठाया।

राज्यपाल ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जो बोले सो निहाल’ के नारे से की और पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जाने की बात कही। इनमें से अब तक 2.98 लाख करोड़ लोगों का इलाज हो चुका है और 90 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। यहां के लोगों ने 60 करोड़ रुपये की दवाइयां और 100 करोड़ रुपये से अधिक के टेस्ट खरीदे हैं।

वहीं इस दौरान आपको बता दें कि आज कांग्रेसियों का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। महिला कांग्रेस ने पंजाब विधानासभा की तरफ जैसे ही कूच किया तो कांग्रेस भवन के बाहर ही पुलिस ने उन्हें हिरास्त में ले लिया। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग सहित कई कांग्रेस नेताओं को भी हिरास्त में लिया गया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला वर्करों पर पानी की बौछारें भी मारी गई। वहीं इस दौरान कई महिलाएं घायल भी हो गई। विधानसभा सत्र के दौरान मक्खू रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि, किसानों का कहना है कि उन्होंने रास्ते नहीं रोके, बल्कि हरियाणा सरकार ने रोके हैं, वहीं इन धरनो को लोकसभा चुनावों के दौरान लगाने के पीछे भी सीएम भगवंत मान का अहम रोल है। लेकिन अब किसानों को ही हिरासत में ले लिया गया।

विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की प्रिंटिंग के लिए इंतजार नहीं करना होगा। एक महीने में काम शुरू हो गया और जल्द ही लंबित मामलों को पूरा कर लिया जाएगा। इस पर सवाल उठाते हुए बाजवा ने कहा कि अक्तूबर से ये काम बंदा है और लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसके आलावा सत्र में पठानकोट-हरिद्वारा बस सेवा, मक्खू रेलवे ओवर ब्रिज एनएच-54 बनाने का काम, फूड प्रोसिंग प्लांट योजना आदि मुद्दों पर भी सवाल जवाब हुए।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry