पंजाब के पंचायत चुनावों में इस बार काफी चर्चा रही कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो राज्य में यू. पी., बिहार के प्रवासियों का राज होगा और गांवों के पंच, सरपंच यही लोग होंगे, जबकि यह काम 30 साल पहले ही शुरू हो चुका है।
हलका गिल के गांव लाडोवाल के नजदीक छोले गांव में 30 साल से प्रवासियों की एक पूर्ण पंचायत बन रही है। ये लोग कई सालों से यहां बसे हुए हैं और इन्हें राजनीतिक समर्थन भी मिलता है। इस गांव में 300 वोट हैं, पिछले 30 साल से लगातार एक प्रवासी ही यहां का सरपंच है., इस बार इस गांव की सरपंचनी रूबी खालवड़ बनी है।
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