भोपाल। एम्स भोपाल में एक शोध में सामने आया है कि दो प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है, पर उन्हें पता ही नहीं है। यहां छिपी हुई टीबी की बीमारी का पता लगाने के लिए डेड बाडी पर शोध किया गया।
शवों में टीबी परीक्षण का देश में यह पहला शोध है। संस्थान के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टाक्सिकोलाजी विभाग में मेडिकोलीगल केस (एमएलसी) जैसे खुदकुशी, दुर्घटना आदि में शव परीक्षण के लिए भेजी गईं 743 डेड बाडी को अध्ययन में लिया गया। इनमें 164 के फेफड़े की झिल्ली (प्लूरा) चिपकी हुई थी।
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