दलिया और क्विनोआ दोनों ही स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद हैं. ज्यादातर लोग नाश्ते में दलिया खाते हैं. उनका मानना है कि ये ब्रेकफास्ट का हेल्दी विकल्प है. लेकिन पिछले कुछ सालों से क्विनोआ भी लोगों की पहली पसंद बन गया है. दलिया और क्विनोआ देखने में एक जैसे ही लगते हैं. लेकिन दोनों के अपने अलग-अलग गुण हैं.
डायटीशियन मोहिनी डोंगरे कहती हैं कि दलिया गेंहू से बनता है और क्विनोआ चिनोपोडियम क्विन्वा नामक पौधे के बीज से तैयार किया जाता है. दलिया को अनाज में गिना जाता है लेकिन क्विनोआ अनाज नहीं है. एक्सपर्ट ने बताया है कि दलिया और क्विनोआ दोनों में क्या बेहतर है.
दलिया में पोषक तत्व
दलिया फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है. दलिया का सबसे बड़ा फायदा इसका हाई फाइबर कंटेंट है. इसमें घुलनशील फाइबर होता है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छा है. यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने, ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है.
क्विनोआ के पोषक तत्व
क्विनोआ एक सुपरफूड है, जो पूरी तरह से पौधों से मिलता है.क्विनोआ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन B, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर है. क्विनोआ ग्लूटन फ्री होता है. इसमें फोलिक एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम और आयरन भी मौजूद होता है.
दलिया या क्विनोआ किसे चुनें?
एक्सपर्ट कहती हैं कि क्विनोआ ग्लूटन फ्री होता है. अगर आपको ग्लूटन एलर्जी है तो दलिया न खाएं. वहीं, एक कप दलिया में करीब 6 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है. जबकि एक कप क्विनोआ से 8 ग्राम प्रोटीन मिलता है. बात करें फाइबर की तो ये दलिया में क्विनोआ से ज्यादा होता है. डायटीशियन कहती हैं कि100 ग्राम क्विनोआ से 6 ग्राम फाइबर मिलता और दलिया के 100 ग्राम मात्रा में 13 ग्राम फाइबर होता है.
एक्सपर्ट कहती हैं कि अगर आपकी बॉडी को फाइबर की ज्यादा मात्रा चाहिए तो दलिया खाएं. वहीं, प्रोटीन के लिए आप क्विनोआ खा सकते हैं. हालांकि, आप अपना डाइट प्लान हेल्थ एक्सपर्ट से ले सकती हैं.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad