इंदौर। नौकरीपेशा लोगों के लिए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने सेंटर ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) से संचालित एमबीए-एमसीए में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पंजीयन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार में ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था रखी है। यहां तक कि पैमेंट भी पोर्टल के माध्यम से हो सकेगा। अब विभाग ने आवेदन के लिए सितंबर तक समयावधि रखी है। उसके बाद काउंसिलिंग करवाई जाएगी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दूरस्थ शिक्षा को लेकर नियमों में बदलाव किया है। इससे तीन वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम को दो वर्षीय कर दिया है। साथ ही सालभर में दो मर्तबा डिस्टेंस एजुकेशन पाठ्यक्रम में प्रवेश देने पर जोर दिया है।
जनवरी और जुलाई में आवेदक पंजीयन करवा सकते है। अधिकारियों के मुताबिक दो वर्षीय एमबीए-एमसीए को यूजीसी और एआईसीटीई से मान्यता मिली हुई है। 1000 एमबीए और 250 एमसीए की सीट रखी हैं। एमबीए में मार्केटिंग, एचआर, फाइनेंस, एनर्जी मैनेजमेंट, बिजनेस एनालिसिस में कोर्स पूरा किया जा सकता है। प्रवेश प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी।
यह डाक्यूमेंट लगेंगे
अधिकारियों के मुताबिक नौकरीपेशा आवेदकों को दसवीं-बारहवीं और स्नातक की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र और अनुभव पत्र भी जरूरी है। प्रत्येक रविवार को कक्षाएं लगाई जाएगी। विभाग के डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बसंल के मुताबिक 30 सितंबर तक आवेदन बुलाए हैं। उसके बाद प्रवेश दिया जाएगा।
खाली रहती है सीटें
एमबीए-एमसीए की सीटें एक बार भी फुल नहीं हुई है। तीन साल से पाठ्यक्रम संचालित हो रहे है। दोगुनी होने के बाद एमबीए की अब एक हजार सीटें हो चुकी है, लेकिन एक बार भी 400 तक सीटें नहीं भरी है। जबकि पाठ्यक्रम की अवधि एक साल घटाई गई है। वैसे ही एमसीए का नया पाठ्यक्रम शुरू किया है।
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