गुना: गुना नगरपालिका परिषद में कांग्रेस और बीजेपी की असाधारण जुगलबंदी देखने को मिली है। साधारण सम्मेलन हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच संपन्न हो गया। विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन ये प्रस्ताव पारित नहीं हो सके। नगरपालिका सभा भवन की बैठक में पार्षदों के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। यहां पर कांग्रेस और बीजेपी पार्षद एक हो गए और प्रमुख चार प्रस्तावों को गिरा दिया। इससे विचित्र स्थिति पैदा हो गई… भाजपा बहुमत वाली नगर पालिका परिषद अल्पमत में दिखाई दी।
प्रस्ताव के खिलाफ साथ आए कांग्रेस और भाजपा
कांग्रेस पार्षद शेखर वशिष्ठ, महेश कुशवाह, कृष्ण मोर्या, रामवीर जाटव, राममूर्ति कुशवाह, गीता कुशवाह, हलीम गाजी के साथ भाजपाके पार्षद राधा कुशवाह, सुमन लोधा, ब्रजेश राठौर, उपाध्यक्ष धर्म सोनी, दिनेश शर्मा चुक्की, अजब बाई लोधा, तरुण मालवीय, अलका कोरी, ममता तोमर, सुनीता रविन्द्र रघुवंशी, रमेश भील, सचिन धुरिया और राजकुमारी जाटव भी प्रस्ताव के खिलाफ ही रहे
मॉडर्न रेलवे स्टेशन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बल्क वॉटर कनेक्शन, जिला न्यायालय से नानाखेड़ी एचपी पेट्रोल पंप तक सड़क डामरीकरण, हनुमान चौराहा से जज्जी बस स्टैंड ओवरब्रिज तक सड़क डामरीकरण, और गुना शहर में बन रहे 600 सीट के ऑडिटोरियम में कुर्सियों की स्वीकृति जैसे प्रस्ताव परिषद के समक्ष रखे गए। लेकिन कोई भी सिरे नहीं चढ़ पाया
भाजपा के बहुमत वाली नगर पालिका अल्पमत में गई
परिषद बैठक में ऐसी स्थिति बनी कि कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद एक साथ आ गए । कांग्रेस ने भाजपा के ज्यादातर पार्षदों को अपने पक्ष में कर लिया। ऐसा होने से स्थिति ऐसी बनी की भाजपा के बहुमत वाली नगर पालिका अल्पमत में आ गई और सभी प्रस्तावों पर सहमति नहीं बना पाई।
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