कौन हैं परमवीर सिंह, जिन्हें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा निकृष्ट, ATS पर फिर निकाली भड़ास

देश

2008 मालेगांव विस्फोट मामले में NIA की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को सभी आरोपियों को बरी कर दिया. मामले में बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा एक के बाद एक खुलासे कर रही हैं. इसी बीच उन्होंने ATS अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ATS के एक नहीं बल्कि सभी अधिकारियों ने कानून के दायरे से बाहर जाकर उन्हें प्रताड़ित किया है.

साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान में कहा कि मैंने कई बार कहा है कि परमबीर सिंह एक भयानक आदमी हैं. उन्होंने सारी हदें पार कर दीं और सारे कानून तोड़ दिए. उन्होंने बताया कि मुझे कानून के दायरे से बाहर प्रताड़ित किया गया. बीजेपी नेता ने दावा किया कि मुझे न केवल परमबीर सिंह ने, बल्कि पूरे एटीएस के अधिकारियों ने प्रताड़ित किया है.

कांग्रेस सरकार ने सरकारी एजेंसियों को बना दिया था भ्रष्ट

साध्वी प्रज्ञा कहती हैं कि एटीएस के अधिकारियों ने देश में डर का माहौल बना दिया था, इसलिए कोई भी अपनी बात नहीं कह पा रहा था. उन्होंने कहा यह लोगों को डराने की कोशिश थी क्योंकि महाराष्ट्र और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी. इसलिए, उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया और उन्हें भ्रष्ट बना दिया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह यूपीए सरकार ने किया था.

कई लोगों ने गंवाई जान

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि एटीएस वालों ने कई लोगों को इतनी प्रताड़नाएं दी कि उन्होंने अपनी जान गवा दी. उन्होंने कहा कि उन लोगों के परिवार को नहीं पता कि उनके शव कहां हैं. ऐसे कई लोग हैं जो एटीएस द्वारा मारे गए, लेकिन उनका रिकॉर्ड मिटा दिया गया. उन्होंने कहा कि मुझे भी 24 दिन तक पुलिस कस्टडी में रखा गया और लगातार प्रताड़ित किया गया.

कांग्रेस ने हिंदुओं को किया प्रताड़ित

बीजेपी नेता साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान में कहती हैं कि कांग्रेस ने हमेशा से मुस्लिमों के लिए तुष्टिकरण की नीति अपनाई है. कांग्रेस की सरकार में हिंदुओं को हमेशा से प्रताड़ित किया जाता रहा है. उन्होंने हिंदुओं को मारा, झूठे केस लगवाए, जेल में डलवाया, जो भी हिंदुओं के खिलाफ कर सकते थे, कांग्रेस सरकार ने सब करवाया. उन्होंने कहा कि देश को तो छोड़ो उन्होंने भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.

यहां देखे वीडियो:

कौन हैं परमवीर सिंह ?

मालेगांव विस्फोट के समय परमवीर सिंह एटीएस के अतिरिक्त आयुक्त थे. उन्होंने मुंबई के पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र होमगार्ड के महानिदेशक के (डीजी) के रूप में कार्य किया. इन्होंने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले की जांच की और मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित को गिरफ्तार किया था. परमवीर 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. 2021 में उनके खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज होने के बाद उनका कोई पता नहीं चला और महाराष्ट्र की एक अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया था . फरार होने के बाद परमवीर को उनके पद से निलंबित कर दिया गया था.

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