दिल्ली सरकार में नंबर तीन की भुमिका निभा रहे कैलाश गहलोत ने रविवार को अचानक अपने मंत्री पद और आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. अपने त्यागपत्र में कैलाश गहलोत ने पार्टी और पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं तो वहीं, आम आदमी पार्टी ने कैलाश गहलोत का मजबूरी में उठाया हुआ कदम बताते हुए कहा कि गहलोत का भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार एजेंसी के जरिए कैलाश गहलोत को प्रताड़ित किया जा रहा था.
दिल्ली सरकार में मंत्री और आप विधायक कैलाश गहलोत के मंत्री पद और पार्टी से इस्तीफा देने के मामले पर आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए प्रतिक्रिया जताई. उन्होंने कहा कि कैलाश गहलोत पर कई बार इनकम टैक्स और ED के छापे पड़े. भाजपा की ओर से बहुत तरीके से उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी के षड्यंत्र का एक हिस्सा है. भारतीय जनता पार्टी के दबाव की राजनीति का एक हिस्सा है, जो हथकंडे उन्होंने दिल्ली में अपनाएं कुछ लोगों पर वह सफल हुए. बाकियों पर नाकाम रहे तो इस मामले में बीजेपी का षड्यंत्र सफल हो गया. ED और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जितने छापे थे कि BJP में जाने के उनके पास और कोई विकल्प ही नहीं था. इसलिए इस्तीफा दिया गया.
क्या बीजेपी में जाएंगे कैलाश गहलोत?
क्या आपने अभी से मान लिया है कि कैलाश गहलोत बीजेपी ही जाएंगे? हालांकि भाजपा के दिल्ली के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि उन्होंने बहुत ही साहसिक काम किया है.
संजय सिंह ने कहा कि अभी आप देख लीजिएगा मैं तो जब राजकुमार आनंद के बारे में भी कह रहा था तब भी आप लोग विश्वास नहीं कर रहे थे. मैंने समय भी बताया था, लेकिन आप लोग कह रहे थे वह बीएसपी में जा रहे हैं लेकिन मैंने कहा था कि बीजेपी में जाएंगे तो आप देखिएगा. कैलाश गहलोत ने अपने पत्र में वही बातें लिखी हैं जिनको लेकर अक्सर बीजेपी और कांग्रेस समाधि पार्टी को घेरती है.
मानसिक रूप से किया जा रहा था प्रताड़ित
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि कैलाश गहलोत 5 साल तक सरकार का हिस्सा रहे, इसलिए अब वह बातें नहीं कर सकते, क्योंकि 5 साल तक सरकार का हिस्सा रहे हैं, अब वह बातें करेंगे तो हास्यास्पद है. असल बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार उनके खिलाफ ED के छापे लगवा रही थी. उनको ED के दफ्तर में बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. इनकम टैक्स का 112 करोड़ का मामला दिखा करके उनके ऊपर छापे डाले जा रहे थे तो षड्यंत्र का एक हिस्सा है.
क्या कभी कैलाश गहलोत ने इस बात की शिकायत की थी कि उन्हें भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है? संजय सिंह ने कहा कि हम लोगों ने पूरी पार्टी ने उनके पक्ष में अपना बयान दिया था, वह ऑन रिकॉर्ड है, उसको कोई झूठलाया नहीं जा सकता. कैलाश गहलोत के घर पर इनकम टैक्स के, ED के छापे, ED के दफ्तर में बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, ऐसा कोई एक बार नहीं कई बार किया. बीजेपी ने बार-बार किया है. तो क्या आप कैलाश गहलोत को पीड़ित मानते हैं ? संजय सिंह ने कहा कि “षड्यंत्र” भारतीय जनता पार्टी की घिनौनी राजनीति और उनके षड्यंत्र का हिस्सा है, यह पूरा मामला है.
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