उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की यात्रा देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी आस्था का केंद्र है. हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऊंचाई और दुर्गम रास्तों की वजह से हेलीकॉप्टर सेवा की मांग यहां तेजी से बढ़ी है. खासकर बुजुर्गों और सीमित समय वाले यात्रियों के लिए यह यात्रा का सबसे आसान और तेज़ माध्यम बन चुका है. लेकिन हाल के दिनों में हेलीकॉप्टर क्रैश की घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे अहम हैं हेलीकॉप्टर का किराया कितना होता है और हादसे की स्थिति में मुआवजा क्या मिलता है?
दरअसल, रविवार सुबह केदारनाथ के गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया जिसमे 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई इसमे पायलट और एक बच्चे समेत 5 लोग और सवार थे. अब सवाल उठता है कि क्या इन लोगों के परिजनों को मुआवजा मिलेगा?
कितना लगता है हेलीकॉप्टर का किराया?
केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा मुख्य रूप से फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी जैसे हेलीपैड्स से उपलब्ध होती है. किराया सरकार द्वारा तय किया गया है और हर साल चारधाम यात्रा से पहले इसकी घोषणा होती है.
- फाटा से केदारनाथ (आने-जाने का किराया) ₹5,500 से ₹6,000 प्रति व्यक्ति
- सिरसी से केदारनाथ ₹5,000 से ₹5,800
- गुप्तकाशी से केदारनाथ ₹7,500 से ₹8,000
यह किराया एक व्यक्ति के लिए राउंड ट्रिप (आना-जाना) होता है. बच्चे और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग दर नहीं होती, लेकिन वजन सीमा का विशेष ध्यान रखा जाता है.
क्रैश की स्थिति में क्या मिलता है मुआवजा?
हेलीकॉप्टर क्रैश एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना होती है, लेकिन ऐसी स्थिति के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियों के पास तयशुदा नियम और बीमा होते हैं. यदि कोई हेलीकॉप्टर क्रैश होता है तो:
- मृतक यात्रियों के परिवार को बीमा के तहत ₹5 लाख से ₹20 लाख तक का मुआवजा मिल सकता है, यह ऑपरेटर की पॉलिसी पर निर्भर करता है.
- घायल यात्रियों को इलाज का खर्च और मुआवजा दिया जाता है, जिसकी सीमा अलग-अलग हो सकती है.
- हर ऑपरेटर को यात्रियों के लिए वैध इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य होता है.
हाल ही में आर्यन एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद मुआवजा प्रक्रिया पर फिर से बहस तेज हो गई है. सरकार और प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर और सख्ती बरतने की तैयारी में है.
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