बठिंडा: एयरफोर्स स्टेशन भिसियाना बठिंडा में कार्यरत एक नायक द्वारा आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरियाणा के झज्जर जिले के गांव भिडवास निवासी 28 वर्षीय सोनू यादव ने 20 मई को बठिंडा रेलवे स्टेशन के पास जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद उसे मिलिट्री अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया गया, जहां 21 मई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस दर्दनाक घटना के पीछे की वजह जानकर हर कोई हैरान है। मृतक नायक सोनू यादव ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए एयरफोर्स में तैनात मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
मृतक के पिता सुरेश कुमार की शिकायत के आधार पर थाना जीआरपी बठिंडा पुलिस ने इन पांचों अधिकारियों चीफ वर्कर्स इंजीनियरिंग विंग (CWE) के एसके पांडे, सहायक सीडब्ल्यूई विकास गांधी, तेजराम मीना, हवलदार राजीव कुमार और हवलदार सतीश कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
मृतक सोनू यादव, जो CWE भिसियाना में क्लर्क के पद पर तैनात था, अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ MES कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर नंबर 537-5 में रह रहा था। उसके पिता के अनुसार, सोनू रोज शाम को उन्हें वीडियो कॉल कर बात करता था। हाल ही में सोनू ने अपने पिता को बताया था कि क्वार्टर के पड़ोस में रहने वाला सतीश कुमार (निवासी जींद, हरियाणा) उसकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है और उस पर अश्लील इशारे करता है। इस मामले में 16 मई को सोनू और सतीश कुमार के बीच झगड़ा भी हुआ था, जिसकी शिकायत सोनू ने अपने सीनियर अधिकारियों से की थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बजाय आरोपी सतीश के खिलाफ कार्रवाई करने के, अधिकारियों ने उल्टा सोनू को ही परेशान करना शुरू कर दिया। उसे क्वार्टर खाली करने का दबाव डाला जाने लगा और कार्यस्थल पर भी प्रताड़ना दी गई। इन्हीं मानसिक दबावों से तंग आकर सोनू ने आत्मघाती कदम उठाया।
वीडियो में बताए गए आरोप
मृतक द्वारा रिकॉर्ड की गई वीडियो में स्पष्ट रूप से पांच अधिकारियों के नाम लिए गए हैं, जिन्हें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। ये अधिकारी हैं –
1. एसके पांडे (CWE)
2. विकास गांधी (सहायक CWE)
3. तेजराम मीना
4. हवलदार राजीव कुमार
5. हवलदार सतीश कुमार
पुलिस की कार्रवाई और अगला कदम
थाना जीआरपी पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिवार मांग रहा न्याय
मृतक के पिता सुरेश कुमार ने सरकार और रक्षा मंत्रालय से मांग की है कि उनके बेटे को न्याय मिले और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह मामला न सिर्फ सेना के भीतर होने वाली मानसिक प्रताड़ना की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि शिकायत करने वालों की सुरक्षा और सुनवाई को लेकर व्यवस्था कितनी संवेदनशील है। सोनू यादव की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सेना जैसी अनुशासित संस्था में अगर ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह अत्यंत चिंताजनक है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना अब प्रशासन और सेना दोनों की जिम्मेदारी बन जाती है।
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